चुनाव आयोग का गोलमेज सम्मेलन, चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने पर विचार-विमर्श

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नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ईसीआई और राज्य निर्वाचन आयुक्तों (एसईसी) के राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन करेगा। यह गोलमेज सम्मेलन 27 वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है।

इस गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे। इसमें निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहेंगे। इस सम्‍मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भाग लेंगे। सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, ”इस गोलमेज सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में अपने-अपने कानूनी ढांचों के भीतर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍तों (एसईसी) के कामकाज में तालमेल को बढ़ावा देना है।”

बयान में आगे कहा गया है कि विचार-विमर्श रचनात्मक विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगा और निर्वाचन प्रबंधन में सहकारी संघवाद की भावना को सुदृढ़ करेगा।

दिन भर चलने वाले इस सम्मेलन के दौरान, निर्वाचन प्रक्रियाओं को मजबूत करने के अलावा, प्रौद्योगिकी, ईवीएम और मतदाता सूचियों को साझा करने पर चर्चा होगी।

आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में शुरू किए गए ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म और निर्वाचन सेवाओं को सुव्यवस्थित करने में इसकी परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रमुख तकनीकी और परिचालन पहलों पर प्रस्तुतियां देंगे। इन प्रस्तुतियों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की मजबूती, पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों के बारे में भी बताया जाएगा।

चुनाव आयोग ने कहा, ”जन प्रतिनिधि अधिनियम, 1950 के संदर्भ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार मतदाताओं की पात्रता पर एक तुलनात्मक प्रस्तुति भी दी जाएगी ताकि विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में मतदाता सूची तैयार करने को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे पर जानकारीपूर्ण विचार-विमर्श को आसान बनाया जा सके।”

राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन संबंधित राज्यों के कानून द्वारा 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के अधिकार प्रदान करने वाले प्रावधानों के तहत किया जाता है। अनुच्छेद 243के और 243ज़ीए के तहत पंचायतों और नगर निकायों के सभी चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने का दायित्व राज्य निर्वाचन आयुक्‍तों को सौंपा गया है।