Tuesday, June 16, 2026
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बंगाल बांग्लादेशियों के देश में घुसने का रास्ता बना: नितिन नवीन

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सिलीगुड़ी, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। घुसपैठ के मुद्दे को लेकर नितिन नवीन ने कहा कि जिस तरह से बंगाल बांग्लादेशियों के देश में घुसने का रास्ता बन गया है, उससे हमारे डेमोग्राफिक बैलेंस के बिगड़ने का खतरा है।

नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में व्यापार, वाणिज्य और व्यवसाय क्षेत्रों के दिग्गजों से बात करते हुए कहा, “बंगाल पहले सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र था, लेकिन इसमें तेजी से गिरावट हो रही है और इसकी जिम्मेदार राज्य सरकार है, क्योंकि जिस प्रकार से इसको महत्व देना था, इस इलाके को यहां की राज्य सरकार ने महत्व ही नहीं दिया। भारत की अर्थव्यवस्था में पहले बंगाल का 10 प्रतिशत योगदान होता था, जो आज घटकर 5 प्रतिशत पर आ गया है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां की राज्य सरकार की मानसिकता क्या है।”

उन्होंने आगे कहा, “ममता सरकार में बंगाल आज भ्रष्टाचार और हिंसा का गढ़ बन गया है। जो पश्चिम बंगाल की पहचान थी, ममता सरकार ने उसे मिटाने का काम किया है।”

इसी बीच, भाजपा अध्यक्ष ने घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए कहा, “राज्य सरकार बंगाल के लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर कर रही है, जबकि बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को यहां बसने दे रही है। मतदाता सूची से 50 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। यह साफ है कि उन्हें बसाने में किसने मदद की और उन्हें अधिकार दिए।”

नितिन नवीन ने बंगाल के लोगों से कहा, “आप इस चुनाव में सिर्फ पश्चिम बंगाल के लिए वोट नहीं कर रहे हैं। आपका वोट पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। जिस तरह से बंगाल बांग्लादेशियों के देश में घुसने का रास्ता बन गया है, उससे हमारे डेमोग्राफिक बैलेंस के बिगड़ने का खतरा है।

नितिन नवीन ने घुसपैठियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “जो भारत के अंदर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई रहते हैं, सभी को हक मिलेगा, लेकिन बाहर से आए घुसपैठियों को यहां कोई हक नहीं मिलेगा। हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर गरीब और पिछड़े को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन घुसपैठियों को हम देश के अंदर बर्दाश्त नहीं कर सकते। ममता दीदी वकील बनकर उन बांग्लादेशी घुसपैठियों का बचाव करने दिल्ली गईं, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।”