लखनऊ, 16 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर चंदे में कथित गबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 19 जून को अयोध्या का प्रस्तावित दौरा चर्चा का विषय बन गया है।
राम मंदिर चंदा विवाद की गहन जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। जांच दल मंदिर कर्मचारियों से पूछताछ कर रहा है और पिछले कुछ दिनों में उनके आचरण की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि कथित तौर पर धन के दुरुपयोग का पता लगाया जा सके। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के इस मुद्दे पर दिए गए किसी भी बयान पर सबकी निगाहें टिकी होंगी।
यह मामला पहले ही एक राजनीतिक तूफान में तब्दील हो चुका है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंदिर अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, वित्तीय कुप्रबंधन और चंदे की कथित हेराफेरी का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या यात्रा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की जयंती समारोह के अवसर पर तय की गई है, जो 27 जून को होने वाला है।
महंत नृत्य गोपाल दास 27 जून को 88 वर्ष के हो जाएंगे। इस अवसर पर आध्यात्मिक नेताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसके साथ 19 जून से शुरू होने वाली 10 दिवसीय श्री राम कथा के साथ समारोहों का शुभारंभ होगा।
विभिन्न मुख्यमंत्रियों को इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं, और कुछ खबरों के अनुसार कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी सहमति दे दी है।
योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या पहुंचेंगे, जिस दिन अयोध्या में श्री राम कथा का शुभारंभ होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) अयोध्या के प्रसिद्ध राम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के गायब होने के आरोपों की जांच कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर लखनऊ संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन की नेतृत्व वाली एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

