अश्लील वीडियो मामला : जेडीएस विधायक ने प्रज्वल रेवन्ना की चार्जशीट में पार्टी कार्यकर्ताओं को शामिल किए जाने पर सवाल उठाया

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बेंगलुरु, 20 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के जेडीएस विधायक स्वरूप प्रकाश ने प्रज्वल रेवन्ना अश्लील वीडियो मामले में दायर चार्जशीट में पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम शामिल किए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस कदम का मकसद जांच को पटरी से उतारना है।

शुक्रवार को हसन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हम इस मामले पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करेंगे और पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू करने पर विचार करेंगे। जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता, हम अपना विरोध जारी रखेंगे। हर कोई जानता है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने इस क्षेत्र में लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कितने अनैतिक तरीके अपनाए।”

कथित अश्लील वीडियो की फुटेज वाली पेन ड्राइव बांटे जाने के बाद, प्रज्वल रेवन्ना, जो इस मामले में मुख्य आरोपी हैं और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते हैं, हसन लोकसभा सीट हार गए। इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले देवेगौड़ा ही करते थे।

स्वरूप प्रकाश ने सरकार से आग्रह किया कि वह इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दे और यह सुनिश्चित करे कि सच्चाई सामने आए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से यह भी अपील की कि इन घटनाक्रमों के बीच वे अपना मनोबल न गिरने दें।

उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि इस मामले की जांच करने वाली विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय, इसका इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जेडीएस को कमजोर करने और उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच के भरोसे को तोड़ने का जानबूझकर प्रयास किया गया है।

हसन के इस विधायक ने दावा किया कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम जानबूझकर छोड़ दिए गए हैं, जबकि जेडीएस के लगभग 10-12 ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल कर लिए गए हैं जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने इस घटनाक्रम को असली दोषियों से ध्यान भटकाने का एक प्रयास बताया। उन्होंने कहा, “असली अपराधियों की पहचान करने के बजाय, जेडीएस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हम इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं।”

यह कहते हुए कि पार्टी इस मामले को कानूनी तौर पर आगे बढ़ाएगी, उन्होंने कहा कि जेडीएस के नेता और कार्यकर्ता उस कार्रवाई के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा, “इस मामले में जिन लोगों के नाम आए हैं, उनमें मेरे रिश्तेदार और पार्टी के नेता भी शामिल हैं, लेकिन उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम जांच से बाहर रखे गए हैं। ऐसा जांच की दिशा भटकाने के लिए किया गया है। असली दोषियों को बचाया जा रहा है। हम न्याय पाने और सच्चाई को सामने लाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।”

स्वरूप प्रकाश ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जेडीएस कार्यकर्ताओं के नाम शामिल करके जांच को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर मुख्य आरोपी नवीन (ए1) का नार्को टेस्ट कराया जाए, तो सच सामने आ जाएगा।