लखनऊ, 21 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी हालातों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को केंद्र की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा हमेशा युद्ध के विरोध में रही है और शांति की पक्षधर है।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “पहले ही दिन मैंने कहा था कि समाजवादी पार्टी के लोग और जो लोग समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखते हैं, वे कभी भी युद्ध के पक्ष में नहीं होते। युद्ध कभी होना ही नहीं चाहिए। एक देश के तौर पर, भारत ने वैश्विक नेता बनने का एक अवसर गंवा दिया। अगर भारत ने कोई मजबूत रुख अपनाया होता, तो युद्ध से बचा जा सकता था।”
उन्होंने आगे कहा कि ईरान-इजरायल-अमेरिका जैसे संघर्ष में भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया, जिससे देश की छवि प्रभावित हुई। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग कुछ भी नहीं जानते। वे केवल नफरत फैलाना चाहते हैं और हर स्थिति का राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, महंगाई बढ़ रही है और विदेश नीति पूरी तरह फेल साबित हुई है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने मांग की कि सरकार को युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा, तेल आपूर्ति और संप्रभुता जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा करनी चाहिए। त्योहारों के संदर्भ में अखिलेश यादव ने सद्भाव का संदेश देते हुए कहा, “होली के अवसर पर हम सभी एक-दूसरे के साथ गुझिया बांटते हैं। इसी तरह, ईद पर हम एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं, ईद की शुभकामनाएं देते हैं और साथ मिलकर जश्न मनाते हुए सेवइयां भी बांटते हैं। ईद के दिन हम एक संकल्प लेते हैं और दुनिया को यह संदेश देते हैं कि हमें शांति, सद्भाव और खुशी के साथ रहना चाहिए।”
इसके अलावा मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ (चंद्रशेखर सिंह) की मौत पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “उनका तो बस एक ही नारा है, ‘हथेली गरम, पुलिस नरम’।” अखिलेश ने आरोप लगाया कि मथुरा में जो घटना हुई है, उसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

