Saturday, August 15, 2026
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लाल किले से पीएम मोदी के भाषणों का रिकॉर्ड 1,177 मिनट, नेहरू-इंदिरा और मनमोहन से काफी आगे

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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के चार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेताओं में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से सबसे अधिक कुल अवधि तक राष्ट्र को संबोधित करने का रिकॉर्ड बनाया है।

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामने आए आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस के भाषणों की कुल अवधि 1,177 मिनट रही है। यह उनके पूर्ववर्तियों की तुलना में काफी अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक, इंदिरा गांधी के भाषणों की कुल अवधि 504 मिनट, मनमोहन सिंह की 417 मिनट और जवाहरलाल नेहरू की 400 मिनट रही।

प्रधानमंत्री मोदी ने भले ही अपने कुछ पूर्ववर्तियों की तुलना में कम बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से संबोधन किया हो, लेकिन एक दशक से अधिक समय में उनके लगातार लंबे और विस्तृत भाषणों ने उन्हें कुल बोलने के समय के मामले में सबसे आगे पहुंचा दिया है। यह ऐतिहासिक मंच के जरिए स्पष्ट विजन रखने, राष्ट्रीय लक्ष्यों को सामने रखने और विकसित भारत के लिए रोडमैप प्रस्तुत करने की उनकी निरंतर परंपरा को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले से दिए गए संबोधनों में 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर विशेष जोर रहा है। उनके भाषणों के प्रमुख विषयों में आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे का विस्तार, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसर, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और हरित विकास को बढ़ावा देना शामिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधनों में सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ उसके कार्यकाल में किए गए वादों और उनके क्रियान्वयन का भी ब्योरा दिया है। जहां पहले के नेता अक्सर चुनौतियों को व्यापक वैचारिक संदर्भ में रखते थे, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों में अक्सर मापने योग्य लक्ष्य, योजनाओं से जुड़े अपडेट और विकसित भारत के साझा लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भविष्य का रोडमैप देखने को मिलता है।

उनके भाषणों की लंबी अवधि ने नीतिगत दिशा और नागरिकों की भागीदारी से जुड़े विषयों को विस्तार से सामने रखने की गुंजाइश भी दी है। आंकड़े बताते हैं कि स्वतंत्रता दिवस का भाषण अब केवल अतीत के स्मरण या वैचारिक संबोधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सालाना प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की योजनाओं के खाके के रूप में भी विकसित हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी के कुल 1,177 मिनट के संबोधनों ने उन्हें आधुनिक प्रधानमंत्रियों में लाल किले से सबसे अधिक विस्तृत भाषण देने वाले नेता के रूप में स्थापित किया है। यह ऐतिहासिक मंच भारत की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर सार्वजनिक विमर्श को आकार देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है।