नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। रोहिणी जिले की विजय विहार पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऑटो-लिफ्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से छह महंगी मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिससे दिल्ली-एनसीआर में कई चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। यह सफलता पुलिस की विशेष टीम की मेहनत और तकनीकी निगरानी का नतीजा है।
19 मार्च 2026 को विजय विहार थाने में रॉयल एनफील्ड शोरूम के सेल्सपर्सन दीपक खन्ना की शिकायत पर एफआईआर संख्या 158/26 धारा 316(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत टेस्ट ड्राइव के दौरान मोटरसाइकिल चोरी से जुड़ी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ विजय विहार इंस्पेक्टर मनोहर लाल के नेतृत्व में और एसीपी रोहिणी अतुल सूद की देखरेख में एसआई उद्देश्य राठी, एचसी प्रदीप, एचसी विकास फोगट, कांस्टेबल प्रशांत और कांस्टेबल नरेंद्र की एक विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने मानवीय सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुनीत सतीजा (29 वर्ष, निवासी रेवाड़ी, हरियाणा) पर शक जताया। भलस्वा डेयरी इलाके में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक चोरी की जावा बॉबर 42 मोटरसाइकिल बरामद हुई, जो पीएस सीमापुरी से जुड़ी थी।
पूछताछ में आरोपी ने दिल्ली-एनसीआर में कई मोटरसाइकिल चोरियों में अपनी संलिप्तता कबूल की। उसकी निशानदेही पर बुराड़ी से पांच अन्य महंगी बाइक्स बरामद की गईं। कुल छह मोटरसाइकिलें रिकवर हुईं, जिनमें रॉयल एनफील्ड शॉटगन 650, जावा बॉबर 42 (दो), होंडा सीबी-350, बुलेट ‘आर’ गेरिला आदि शामिल हैं।
आरोपी का मोडस ऑपरेंडी बेहद चालाकी भरा था। वह शोरूम में टेस्ट ड्राइव के बहाने बाइक लेता और फिर फरार हो जाता था। गिरफ्तारी से नौ चोरी के मामले सुलझे हैं, जिनमें पीएस विजय विहार, साकेत, सीमापुरी, तिलक नगर, मॉडल टाउन, मोती नगर, पहाड़गंज, सिविल लाइंस (गुड़गांव) आदि थाने शामिल हैं।
पुनीत सतीजा बी.कॉम. ग्रेजुएट है। उसने रॉयल एनफील्ड शोरूम में छह महीने इंटर्नशिप की थी। पहले रेवाड़ी में कार एक्सेसरीज का बिजनेस किया, लेकिन 25 लाख का नुकसान हुआ। 2025 से दिहाड़ी मजदूर था। उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
पुलिस ने इस कार्रवाई से मोटरसाइकिल चोरी के गिरोह को बड़ा झटका दिया है। जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि शोरूम मालिक टेस्ट ड्राइव के दौरान सतर्क रहें और संदिग्ध ग्राहकों की पहचान सत्यापित करें।

