दक्षिण कोरिया ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाएगा : प्रधानमंत्री किम मिन-सियोक

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सियोल, 29 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है और ऊर्जा की कीमतों को बढ़ा दिया है। इसको ध्‍यान में रखते हुए दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन-सियोक ने रविवार को संभावित दैनिक आवश्यकताओं की कमी से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाने का संकल्प लिया।

किम ने आपातकालीन आर्थिक मुख्यालय की बैठक के दौरान कहा, “हम एक गंभीर आर्थिक मोड़ पर हैं। मध्य पूर्व संघर्ष का प्रभाव हमारी अर्थव्यवस्था के लिए एक जटिल संकट के रूप में उभर रहा है, जो गंभीर ऊर्जा आपूर्ति अस्थिरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के रूप में सामने आ रहा है।”

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कहा कि संभावित आपूर्ति झटकों का सामना करने का यह महत्वपूर्ण समय है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो यह जनता में गंभीर चिंता और असुविधा पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा, “हमें विभिन्न परिदृश्यों के तहत मध्य पूर्व से उत्पन्न आपूर्ति व्यवधानों का आवश्यक वस्तुओं पर प्रभाव का विश्लेषण करना होगा और चरणबद्ध प्रतिक्रिया योजनाएं तैयार करनी होंगी। हमें उन वस्तुओं की पूरी और सूक्ष्म समीक्षा करनी होगी, जिनमें आपूर्ति में व्यवधान की संभावना है, और किसी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।”

उन्होंने सरकार से नेशनल असेंबली के साथ मिलकर काम करने और समय पर एक पूरक बजट को लागू करने की तैयारी करने का भी आह्वान किया।

आपातकालीन आर्थिक मुख्यालय की बैठक पहली बार बुलाई गई थी। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह मध्य पूर्व संकट के जवाब में, चियोंग वा डे (राष्ट्रपति भवन) में एक आपातकालीन आर्थिक स्थिति कक्ष की स्थापना के साथ-साथ, इस मुख्यालय के गठन की घोषणा की थी।

मुख्यालय के भीतर पांच उप-टीमें हैं, जो क्रमशः मैक्रोइकॉनॉमिक, ऊर्जा, वित्त, जनजीवन और विदेश मामलों को संभालती हैं।

उदाहरण के लिए, ऊर्जा उप-टीम ने तेल, गैस और नेफ्था से संबंधित आपूर्ति और मूल्य प्रवृत्तियों की जानकारी दी, जबकि वित्तीय उप-टीम ने संकट के कारण संघर्ष कर रहे व्यवसायों की मदद बढ़ाने की योजनाएं साझा कीं और जनजीवन उप-टीम ने चिकित्सा आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के खिलाफ तैयारियों पर चर्चा की।