सीबीआई ने श्रीनगर के ईपीएफओ ​​अधिकारी समेत दो को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया

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श्रीनगर, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को श्रीनगर में रिश्वतखोरी के एक मामले के सिलसिले में दो सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया, जिनमें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल है।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान विनय कुमार और अमीन सोफी के रूप में हुई है। विनय बटमालू स्थित ईपीएफओ ​​कार्यालय में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (आरपीएफसी) के पद पर कार्यरत हैं और अमीन सोफी उसी कार्यालय में वरिष्ठ सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात हैं।

अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने 31 मार्च को एक शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरपीएफसी ने 1.5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। एक स्कूल चलाने वाले शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह मांग संस्था के खिलाफ कोई भी प्रतिकूल कार्रवाई न करने और उस पर भारी जुर्माना लगने से बचाने के बदले में की गई थी।

शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने उसी दिन एक जाल बिछाया। इस ऑपरेशन के दौरान सोफी को कथित तौर पर आरपीएफसी की ओर से शिकायतकर्ता से 50,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि यह जाल पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए और पारदर्शिता निश्चित करने के लिए स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में बिछाया गया था।

रिश्वत की रकम बरामद होने के बाद विनय कुमार को भी हिरासत में ले लिया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि पैसा एक बिचौलिए के जरिए मिला था, जिससे उसके खिलाफ मामला और मजबूत हो गया है।

ये गिरफ्तारियां श्रीनगर के बटमालू इलाके में हुईं, जहां ईपीएफओ ​​का क्षेत्रीय कार्यालय स्थित है। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और आगे की जांच चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई अन्य अधिकारी भी इस कथित रिश्वतखोरी के नेटवर्क में शामिल था। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस क्षेत्र के अन्य संस्थानों से भी इसी तरह की मांगें की गई थीं।

सीबीआई ने सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नागरिकों से आगे आकर रिश्वत या कदाचार के मामलों की रिपोर्ट करने का आग्रह किया।