कश्मीर के फल कारोबार को नई रफ्तार, श्रीनगर से रेल पार्सल सेवा बढ़ाने की तैयारी

0
7

जम्मू, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी के फल उद्योग और पार्सल व्यापार को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के बड़े प्रयास के तहत उत्तरी रेलवे ने घाटी से रेल-आधारित पार्सल आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों की एक बैठक आयोजित की। अधिकारियों ने इस संबंध में शनिवार को जानकारी दी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घाटी के फल उद्योग और पार्सल व्यापार को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़कर वहां के आर्थिक परिदृश्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उत्तरी रेलवे के जम्मू मंडल ने घाटी से रेल-आधारित पार्सल आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए एक स्टेकहोल्डर्स मीटिंग आयोजित की।

श्रीनगर में हुई इस बैठक का उद्देश्य कश्मीर क्षेत्र से पार्सल यातायात को बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था, जिसमें रेल को सड़क परिवहन के एक भरोसेमंद, समय-बद्ध और किफायती विकल्प के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के एक अतिरिक्त सदस्य (वाणिज्यिक) ने की।

जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल, कश्मीर के पार्सल व्यापारियों, प्रमुख फल उत्पादकों और मुख्य कार्गो एग्रीगेटर्स के साथ इस बैठक में शामिल हुए।

ये चर्चाएं विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित थीं कि चेरी और अन्य फलों की ढुलाई के लिए रेल मार्ग को सड़क परिवहन के मुकाबले एक अधिक भरोसेमंद, समयबद्ध और किफायती विकल्प के रूप में स्थापित किया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि जेपीपी-आरसीएस (जॉइंट पार्सल प्रोडक्ट रैपिड कार्गो सर्विस) पार्सल ट्रेन की क्षमता बढ़ाने की रणनीतियों सहित प्रमुख बिंदुओ और रणनीतिक निर्णयो पर विचार-विमर्श किया गया।

यह ट्रेन मध्य कश्मीर के बडगाम से सुबह 8.15 बजे रवाना होती है और बारी ब्राह्मणा और अंबाला छावनी से होते हुए अगले दिन सुबह 5:30 बजे दिल्ली के आदर्शनगर पहुंचती है, जिससे व्यापारियों को माल की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित होती है।

छोटे पैमाने के व्यापारियों और उत्पादकों की सुविधा के लिए कार्गो एग्रीगेटरों के साथ सहयोग करने पर सहमति बनी। इस सहयोग से छोटे पार्सली को सुचारू रूप से समेकित करना संभव होगा, जिससे उन्हें ट्रेनों के माध्यम से कुशलतापूर्वक परिवहन किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान, बडगाम, श्रीनगर और पंपोर रेलवे स्टेशनों पर लोडिंग सुविधाओं के उन्नयन से संबंधित योजनाओं पर चर्चा की गई।

अधिकारियों ने कहा, “पार्सल यातायात को और बढ़ावा देने के लिए, रेलवे प्रशासन ने प्रतिस्पर्धी माल ढुलाई दरों की पेशकश करने और थोक बुकिंग करने वाले एग्रीगेटरों के लिए विशेष रियायत योजनाओं को शुरू करने के प्रस्तावों पर चर्चा की।”

सिंघल ने कहा कि बैठक का उद्देश्य एक सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करना था जिससे कश्‍मीर के किसान और व्यापारी बिना किसी देरी के अपने माल को कन्याकुमारी तक पहुंचा सके।

जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने कहा, ‘कश्मीर के उत्पादों की वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान है। रेलवे केवल परिवहन का एक साधन नहीं है बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि में एक भागीदार है।”

जम्मू मंडल के कटरा शहर से घाटी तक जाने वाली रेल लाइन का उद्‌घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जून में किया था।