नोएडा हिंसा का खुलासा: 3 मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान, 2 गिरफ्तार; पाक कनेक्शन की जांच जारी

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नोएडा, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। नोएडा पुलिस ने गौतम बुद्ध नगर में हाल ही में मजदूरों से जुड़ी हिंसा के मामले में एक बड़ी सफलता का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि यह हिंसा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि यह एक पूरी तरह से प्लान किया गया साजिश थी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गुरुवार को बताया कि अशांति फैलाने वाले तीन मुख्य साज़िशकर्ताओं की पहचान कर ली गई है।

तीनों आरोपियों में से दो, रूपेश रॉय और मनीषा चौहान, को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी, आदित्य आनंद, अभी फरार है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, अशांति के दौरान ये तीनों ही नोएडा में मौजूद थे और कथित तौर पर इन्होंने मजदूरों को भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण दिए थे।

जांच में सोशल मीडिया से जुड़ा एक संदिग्ध पहलू भी सामने आया है। पुलिस ने ‘एक्स’ के दो हैंडल, मीर इलायासी और आयुषी तिवारी, की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाने के लिए किया गया था। शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि इन अकाउंट्स को कथित तौर पर वीपीएन सेवाओं का इस्तेमाल करके पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था और ये लगभग तीन महीनों से एक्टिव थे।

सीमा पार से उभरते संबंधों को देखते हुए, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) सहित केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी इस जांच में हाथ बंटा लिया है। अब तक, पुलिस ने हिंसा के संबंध में 13 एफआईआर दर्ज की हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया है। हिरासत में लिए गए लोगों में कथित साजिशकर्ता, आगजनी करने वाले और अन्य उपद्रवी शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में शामिल ज्यादातर लोग बाहरी थे, जिन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।

नोएडा में अब हालात सामान्य हो गए हैं, हालांकि सुरक्षा अभी भी कड़ी है। पुलिस ने सेक्टर-आधारित तैनाती योजना के तहत फ्लैग मार्च किए हैं और गश्त बढ़ा दी है। औद्योगिक इकाइयों में काम फिर से शुरू हो गया है और मज़दूर काम पर लौट आए हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की घोषणा की है और भविष्य के विवादों को सुलझाने के लिए एक ‘वेज बोर्ड’ बनाने का प्रस्ताव रखा है।

अधिकारियों ने बताया कि मजदूरों के साथ हुए समझौतों को लागू करने की कोशिशें जारी हैं, जिससे जमीनी स्तर पर लोगों का भरोसा फिर से कायम करने में मदद मिल रही है।

पुलिस ने दोहराया है कि हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने बताया कि ‘सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम’ के प्रावधानों के तहत भी मामले चलाए जाएंगे। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापे मारे जा रहे हैं और आगे की जांच जारी है।