नई दिल्ली/मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने बुधवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में कथित तौर पर महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण से जुड़ी रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए अधिकारियों से सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
यह मामला कोल्हापुर का है, जहां एक फार्मेसी छात्र पर कई युवतियों के साथ दुर्व्यवहार करने, अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने और कथित तौर पर उनका इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए करने का आरोप है। यह घटनाक्रम अमरावती में नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने के आरोप में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के तुरंत बाद सामने आया है।
आधिकारिक बयान में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि इस मामले में 22 साल का एक आरोपी शामिल है, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका यौन शोषण किया, अश्लील वीडियो रिकॉर्ड की और उसका इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए किया। आयोग ने कहा कि यह एक संभावित बड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
आयोग ने इन जघन्य कृत्यों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह के शोषण से गंभीर शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचता है और महिलाओं व परिवारों के बीच डर और असुरक्षा की भावना पैदा होती है। यह घटना डिजिटल सुरक्षा और साइबर निगरानी को लेकर भी गंभीर चिंताएं खड़ी करती है।
बयान में कहा गया, “आयोग के अध्यक्ष ने महाराष्ट्र के डीजीपी को निर्देश दिया है कि वे भारतीय न्याय संहिता, पोक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत तत्काल और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसमें सभी पीड़ितों की पहचान करना, सभी आरोपियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार करना, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक सामग्री हटाना और गहन साइबर फॉरेंसिक जांच करना शामिल है।”
बयान में आगे कहा, “आयोग ने पीड़ितों की सुरक्षा, परामर्श, चिकित्सा सहायता, पुनर्वास सहायता और भविष्य में इस तरह के ब्लैकमेल व शोषण के नेटवर्क को रोकने के उपायों के बारे में भी विस्तृत जानकारी मांगी है। 7 दिनों के भीतर ‘की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट’ मांगी गई है।”

