नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए न्यायमूर्ति ग्रेवाल की नियुक्ति को स्वीकृति दी।
अधिसूचना में कहा गया है कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल को एनसीएलटी अध्यक्ष पद पर पांच वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी या 67 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगी, जो भी पहले हो।
न्यायमूर्ति ग्रेवाल, न्यायमूर्ति रामलिंगम सुधाकर का स्थान लेंगे। न्यायमूर्ति सुधाकर ने 1 नवंबर 2021 से एनसीएलटी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था और इस वर्ष पद छोड़ दिया।
एनसीएलटी भारत में कॉरपोरेट विवादों के निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था है, जो कंपनी अधिनियम से जुड़े मामलों और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत मामलों की सुनवाई करती है।
न्यायमूर्ति ग्रेवाल का जन्म 10 मार्च 1964 को पंजाब के लुधियाना जिले के एक कृषक परिवार में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास में बीए ऑनर्स (1985) और एमए (1987) किया। इसके बाद वर्ष 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।
उन्होंने 1992 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। इसके बाद पंजाब सरकार के लिए सहायक महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, वरिष्ठ उप महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
नवंबर 2009 में उन्हें केंद्र सरकार के मामलों की पैरवी के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया गया था।
25 सितंबर 2014 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया। बाद में दिसंबर 2014 में उनका तबादला राजस्थान हाईकोर्ट हुआ, जहां मई 2016 में उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इसके बाद अक्टूबर 2016 में उन्हें फिर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भेजा गया।

