नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में 30 अप्रैल को एक दर्दनाक हादसा सामने आया था। यहां तेज हवाओं के चलते एक क्रूज डूबने से उसमें सवार कई लोग पानी में डूब गए। हादसे की सूचना मिलने के बाद सेना के गोताखोरों ने घटनास्थल पर मोर्चा संभाला। गोताखोरों ने अब तक पांच शव बरामद किए हैं, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और अन्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
यह घटना खमरिया द्वीप के पास हुई, जहां उस समय क्रूज में सवार लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे। मौसम अचानक खराब हो गया और तेज हवा के झोंकों ने क्रूज का संतुलन बिगाड़ दिया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। क्रूज पलटते ही अफरातफरी मच गई और उसमें सवार लोग पानी में जा गिरे। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हालात को नियंत्रित करने के लिए भारतीय सेना की मदद भी ली गई।
सेना के मुताबिक प्रशासन के अनुरोध पर आगरा से सेना की विशेष गोताखोर टीमों को रातोंरात मौके पर भेजा गया। ये प्रशिक्षित गोताखोर अभी घटनास्थल पर लापता लोगों की तलाश में अभियान चला रहे हैं। प्रशासन द्वारा आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान जलाशयों के पास जाने से बचें।
हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, बरगी डैम क्षेत्र में सेना का बचाव अभियान तेजी से जारी है और लापता लोगों को खोजने के लिए सेना के गोताखोरों द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
गुरुवार शाम जबलपुर के बरगी डैम में यह भीषण दुर्घटना घटी। अभी कई पर्यटक लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान जारी है। त्रासदी के समय तूफान के तीव्र होने के कारण लहरों ने जोर पकड़ा और क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही पलों में क्रूज पलट गया, जिससे करीब 30 पर्यटक डैम के गहरे पानी में फंस गए। सूचना मिलते ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की एक विशेष टीम बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खोज अभियान चलाने के लिए घटनास्थल पर पहुंची।

