नोएडा, 8 मई (आईएएनएस)। घर खरीदारों के साथ बड़े पैमाने पर हो रही धोखाधड़ी की चल रही जांच में एक और अहम घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नोएडा में स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की गतिविधियों के सिलसिले में मेसर्स शुभकामना बिल्डटेक प्रा. लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने कथित तौर पर एक आपराधिक साजिश के तहत भोले-भाले घर खरीदारों को झूठे आश्वासनों, गुमराह करने वाले बयानों और भ्रामक वादों के जरिए फंसाया। इस तरह उन्होंने बेईमानी से वित्तीय लाभ कमाया, जिससे घर खरीदारों को भारी नुकसान हुआ।
यह चार्जशीट सक्षम न्यायालय में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की उन संबंधित धाराओं के तहत दाखिल की गई है, जो आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और उकसावे से संबंधित हैं।
सीबीआई इस समय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत पंजीकृत 50 मामलों की जांच कर रही है। ये मामले देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हैं। इनमें घर खरीदारों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और धन के हेरफेर के आरोप शामिल हैं।
इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इसी तरह के मामलों में मेसर्स रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, मेसर्स ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, मेसर्स जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड और उसके निदेशकों, मेसर्स एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्रा. लिमिटेड और उसके निदेशकों (कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ) तथा मेसर्स सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की थीं। मामले में आगे की जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेषकर उन मामलों में जो आम नागरिकों और घर खरीदारों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

