लंदन, 8 मई (आईएएनएस)। दक्षिण अटलांटिक महासागर के ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप पर दो ब्रिटिश नागरिकों में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति में संक्रमण होने का शक है। यह जानकारी शुक्रवार को यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने दी।
एजेंसी ने बताया कि फिलहाल क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ पर मौजूद किसी भी ब्रिटिश यात्री या क्रू में बीमारी के लक्षण नहीं दिख रहे हैं, लेकिन सभी की कड़ी निगरानी की जा रही है। जहाज के ब्रिटेन लौटने पर सभी ब्रिटिश यात्रियों और क्रू मेंबर्स से 45 दिनों तक आइसोलेट रहने के लिए कहा जाएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, जब यह जहाज रविवार को स्पेन के टेनेरिफ बंदरगाह पहुंचेगा, तब ब्रिटिश सरकार के कर्मचारी वहां मौजूद रहेंगे, ताकि उतरने वाले ब्रिटिश नागरिकों की मदद की जा सके।
एजेंसी ने यह भी बताया कि सात ब्रिटिश नागरिक 24 अप्रैल को साउथ अटलांटिक के सेंट हेलेना द्वीप पर जहाज से उतरे थे। इनमें से दो लोग ब्रिटेन लौट चुके हैं और घर पर आइसोलेशन में हैं। अभी तक उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।
बाकी चार लोग अभी सेंट हेलेना में हैं, जबकि सातवें व्यक्ति का पता ब्रिटेन के बाहर लगाया गया है।
गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि ‘एमवी होंडियस’ जहाज पर मिले आठ मामलों में से पांच में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी तीन मामलों को संदिग्ध माना गया है। डब्ल्यूएचओ ने यह भी साफ किया कि यह खतरनाक हंता वायरस संक्रमण ‘कोविड जैसी नई महामारी की शुरुआत’ नहीं है और आम लोगों के लिए इसका खतरा फिलहाल कम है।
इसी बीच, अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने इस हंता वायरस स्थिति को ‘लेवल 3’ इमरजेंसी घोषित किया है, जो सबसे निचला स्तर होता है। एबीसी न्यूज की गुरुवार की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
इसका मतलब है कि फिलहाल आम जनता के लिए खतरा कम है, लेकिन स्वास्थ्य एजेंसियां इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
गुरुवार को डब्ल्यूएचओ ने दोबारा कहा कि ‘एमवी होंडियस’ पर मिले आठ मामलों में से पांच हंता वायरस संक्रमण के पक्के मामले हैं, जबकि तीन अन्य मामलों की अभी जांच चल रही है।
डब्ल्यूएचओ ने फिर दोहराया कि यह स्थिति ‘कोविड जैसी वैश्विक महामारी की शुरुआत’ नहीं है और फिलहाल जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

