मुजफ्फरपुर, 11 मई (आईएएनएस)। बिहार के मुजफ्फरपुर की देश और दुनिया में प्रसिद्ध ‘शाही लीची’ की मिठास अब देश की राजधानी दिल्ली सहित अन्य बाजारों तक पहुंचने वाली है। लंबी प्रतीक्षा और मौसम की लुकाछिपी के बाद, शाही लीची में लाली आते ही मुजफ्फरपुर के लीची बगानों में तुड़ाई का काम जोर-शोर से शुरू हो गया है।
मुजफ्फरपुर जिला स्थित प्रसिद्ध बड़ी ईदगाह परिसर के लीची बागानों में तुड़ाई का काम तेज होने के बाद यहां की रौनक बढ़ गई है। बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर में सबसे पहले शाही लीची इसी बगान की तैयार होती है। यहां के लीची किसान स्थानीय बाजारों के अलावा दिल्ली की मंडी के लिए भी लीची भेज रहे हैं। करीब दो हफ्ते पहले तक लीची की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे थे।
भीषण गर्मी और उसके बाद ओलों के बीच तेज हवा से किसानों की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, पिछले दस दिनों में हुए मौसम परिवर्तन से फल का आकार सुधरा, बल्कि लीची में मिठास भी अच्छी हुई है। बड़ी ईदगाह परिसर के बागान में चहल-पहल देखी जा रही है। किसान और व्यापारी दोनों ही उत्साहित हैं। तुड़ाई के लिए बड़ी संख्या में मजदूरों को लगाया गया है, जो सावधानी से गुच्छों को तोड़ने, उनकी छंटाई करने और फिर टोकरियों में पैकिंग करने के काम में जुटे हैं। किसानों का मानना है कि इस बार फल की गुणवत्ता काफी बेहतर है, जिससे उन्हें महानगरों की मंडियों में अच्छे दाम मिलने की पूरी उम्मीद है।
किसानों का कहना है कि फिलहाल शाही लीची की तुड़ाई शुरू हुई है, लेकिन इसके बाद ‘चाइना लीची’ की तुड़ाई शुरू होगी। बताया जा रहा है कि अन्य प्रमुख बागों में भी अगले दो-तीन दिनों में व्यापक स्तर पर तुड़ाई शुरू हो जाएगी। लीची का सीजन छोटा होता है, इसलिए व्यापारियों के बीच इन दिनों सक्रियता भी नजर आती है। बता दें कि मुजफ्फरपुर की शाही लीची की दुनिया भर में अलग पहचान है। इस बार शुरुआत में मौसम ने जरूर डराया था, लेकिन अब बागों की लीचियों की लाली किसानों को उत्साहित कर रही है।
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