पटना, 13 मई (आईएएनएस)। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि पर मंगलवार को पटना में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर बिहार के विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, भाजपा सांसद राधामोहन सिंह और बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई नेताओं ने उनके राजनीतिक योगदान और बिहार के विकास में निभाई गई भूमिका को याद किया।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि सुशील कुमार मोदी ने बिहार और देश की राजनीति में बहुत बड़ा योगदान दिया। उन्होंने कहा कि 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन के दौरान सुशील मोदी आगे आए और आंदोलन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, “आज सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि है। हम उन्हें हृदय से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। बिहार के उत्थान, विकास और पुनर्निर्माण में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।”
भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह ने सुशील मोदी को बिहार भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी करीब 11 वर्षों तक बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे और उन्होंने बिहार को ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकालकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी सुशील मोदी को याद करते हुए कहा कि उनके कुशल प्रबंधन के कारण बिहार के बजट का आकार लगातार बढ़ा। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी गरीबों और पिछड़े वर्गों के लिए एक मसीहा की तरह काम करते थे। उन्होंने भाजपा को मजबूत बनाने के लिए पूरी मेहनत से काम किया।
संजय सरावगी ने बताया कि सुशील कुमार मोदी बिहार के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों के सदस्य रहे।
वहीं, भाजपा नेता मंगल पांडे ने कहा, “इस नए बिहार के विकास में, नीतीश कुमार के साथ-साथ उन्होंने भी बहुत ही महत्वपूर्ण और अहम भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने में भी उन्होंने अपना बड़ा योगदान दिया। आज बिहार में भाजपा का जो विशाल परिवार हम देख रहे हैं, उसने सुशील कुमार मोदी से बहुत कुछ सीखा है। उनके विचारों और पार्टी की विचारधारा से प्रेरित होकर, हम सभी लगातार आगे बढ़ रहे हैं।”
गौरतलब है कि सुशील कुमार मोदी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। वे बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहने के साथ-साथ राज्यसभा सांसद भी रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े सुशील मोदी को बिहार में भाजपा संगठन को मजबूत करने वाले नेताओं में प्रमुख माना जाता है। उनकी राजनीतिक शैली, सादगी और प्रशासनिक क्षमता को आज भी बिहार की राजनीति में याद किया जाता है।

