Sunday, June 28, 2026
SGSU Advertisement
Home अपराध पश्चिम बंगाल : सरकार ने विधानसभा चुनाव-2021 के बाद हुई हिंसा के...

पश्चिम बंगाल : सरकार ने विधानसभा चुनाव-2021 के बाद हुई हिंसा के मामलों को फिर से खोलने का दिया आदेश

0
23

कोलकाता, 13 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पश्चिम बंगाल में ‘विधानसभा चुनाव- 2021’ के बाद हुई हिंसा से संबंधित मामलों को फिर से खोलने का आदेश जारी किया है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बुधवार को बताया कि पशु तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, “चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच को लेकर गंभीर शिकायतें हैं। विधानसभा चुनाव 2021 में हुई राजनीतिक हिंसा के पुराने मामलों की समीक्षा करके उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।”

आदेश में आगे कहा गया है, “2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा से संबंधित मामलों में प्रस्तुत अंतिम रिपोर्टों (एफआरटी) की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जानी चाहिए और जहां आवश्यक हो, कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर मामलों को फिर से खोलकर गहन जांच की जानी चाहिए।”

सरकार ने कहा कि जहां विशिष्ट मामले दर्ज नहीं किए गए हैं, वहां नए मामले दर्ज किए जा सकते हैं। इसके साथ ही उन मामलों में भी जहां प्रारंभिक जांच में संज्ञेय अपराध का पता चलता है।

आदेश में कहा गया है, “एसपी, सीपी को इस प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करनी होगी। आरोप पत्र दाखिल करने के बाद इन मामलों की जांच और मुकदमे की नियमित रूप से निगरानी की जानी चाहिए।”

2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद कई जगहों पर हिंसा हुई थी। तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में भाजपा को हराकर सत्ता बरकरार रखी थी। भाजपा 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें जीतकर बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी बनी थी। भाजपा ने 2016 में 3 सीटों से पांच वर्षों में 77 सीटों तक का सफर तय किया था।

सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं पर भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा करने का आरोप लगा था। हत्या, दुष्कर्म, तोड़फोड़ और भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के सदस्यों पर हमले की घटनाएं हुईं। मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जिसने हत्या और दुष्कर्म की गंभीर घटनाओं में सीबीआई जांच के आदेश दिए।

हालांकि, कई मामले अभी भी चल रहे हैं और पीड़ित न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद ऐसे मामलों को फिर से खोलने की पहल की गई है।