पुणे, 14 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील का असर अब सरकार के कामकाज और नेताओं के यात्रा तरीकों में साफ दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पुणे में सड़क परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान पारंपरिक वीआईपी काफिले के बजाय बस से सफर किया और सड़क निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
गडकरी ने गुरुवार को पुणे से फलटन के बीच बन रहे पालखी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बस में बैठकर पूरे रूट की प्रगति देखी और अधिकारियों से सीधे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पालखी मार्ग वारकरी परंपरा से जुड़ा बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है, जिस पर हर साल लाखों श्रद्धालु चलते हैं, इसलिए इस सड़क को सुविधाजनक बनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने आईएएनएस को बताया कि इस परियोजना के तहत सिर्फ सड़क ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्र का भी विकास किया जा रहा है। करीब 46 तालाब बनाए जा रहे हैं ताकि जल संरक्षण और स्थानीय लोगों की जरूरतें दोनों पूरी हो सकें। गडकरी ने कहा कि संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम जैसे महान संतों ने देश को आध्यात्मिक दिशा दी है और उनकी यात्रा से जुड़े रास्तों को बेहतर बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी की ईंधन बचत की अपील को लेकर उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य वैकल्पिक ईंधन और हरित ऊर्जा पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि वे 2004 से ही इथेनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे विकल्पों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर, कार, ट्रक और बसों को बढ़ावा देने की दिशा में कई कदम उठाए जा चुके हैं और अब मशीनरी व ट्रैक्टर जैसे क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रिक विकल्प लाने की तैयारी है।
गडकरी का कहना है, “आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब 2 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनेगी और यह अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पूरी तरह से ‘आत्मनिर्भर भारत’ बन जाएगी। प्रदूषण खत्म हो जाएगा और यह सपना पूरा होगा। हालांकि आज देश में, खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संकट को देखते हुए, हमें पेट्रोल और डीजल बचाना चाहिए। इसीलिए प्रधानमंत्री ने एक अपील की है। मैंने भी अपनी व्यवस्थाओं में कटौती की है, इसलिए मैं बस से यात्रा कर रहा हूं।”

