बेंगलुरु और मुंबई के बीच जल्द शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर: अश्विनी वैष्णव

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नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि लंबे समय से इंतजार की जा रही बेंगलुरु और मुंबई वंदे भारत स्लीपर जल्द शुरू हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने बेंगलुरु और मुंबई के बीच चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाते हुए यह ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की रेलवे संबंधी कई लंबित मांगें इन्फ्रास्ट्रक्चर के तेज विकास और बेहतर वित्तीय सहायता के माध्यम से पूरी की जा रही हैं।

वैष्णव ने कहा, “दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की लंबित मांगों को पूरा किया जा रहा है। आने वाले समय में जल्द बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर शुरू होने की संभावना है।”

वैष्णव ने कहा कि हाल के वर्षों में कर्नाटक के लिए रेलवे फंड्स में तेज वृद्धि हुई है, जिससे राज्य भर में महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है।

उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कर्नाटक के 61 रेलवे स्टेशनों का 2,160 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से नौ स्टेशन पहले ही पूरे हो चुके हैं।

प्रमुख परियोजनाओं में, बेंगलुरु कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं, जिसमें अनुमानित 485 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है, जबकि यशवंतपुर स्टेशन का 367 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य चल रहा है।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कर्नाटक में 2014 से अब तक लगभग 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बनाई गई हैं। चुनौतीपूर्ण हसन-मंगलुरु रेलवे खंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है और वर्तमान में परीक्षण चल रहा है।

बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे परियोजना पर वैष्णव ने कहा कि चारों कॉरिडोर पर काम प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनवारा और हीलालिगे-राजनुकुंटे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जहां स्टेशन निर्माण कार्य वर्तमान में जारी है।

उन्होंने आगे कहा कि केएसआर बेंगलुरु-देवनहल्ली कॉरिडोर के संरेखण को कर्नाटक सरकार और रेलवे से संयुक्त स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि भू-तकनीकी सर्वेक्षण भी पूरे हो चुके हैं। केंगेरी-व्हाइटफील्ड कॉरिडोर को हाल ही में मंजूरी मिली है और सर्वेक्षण कार्य शीघ्र ही शुरू होने की उम्मीद है।

मंत्री के अनुसार, उपनगरीय रेल नेटवर्क बेंगलुरु के प्रमुख केंद्रों, जिनमें केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल शामिल हैं, को जोड़ेगा, जिससे शहरी आवागमन में सुधार होगा।

वैष्णव ने आगे कहा कि कर्नाटक में वर्तमान में वंदे भारत ट्रेनों की 12 जोड़ियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर परीक्षण चल रहा है और इससे मडगांव तक तटीय क्षेत्र में रेल संपर्क में सुधार होने की उम्मीद है।