चाईबासा, 18 मई (आईएएनएस)। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने एक होटल में छापेमारी कर 36 मजदूरों और छह नाबालिग बच्चों को छुड़ाया।
यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को खबर मिली थी कि चक्रधरपुर के एक होटल में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मजदूरों और बच्चों को ठहराया गया है। उन्हें दूसरे राज्य भेजने की तैयारी चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई। इसमें पुलिस, श्रम विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) और चाइल्डलाइन के अधिकारी शामिल थे।
टीम ने होटल में छापा मारा तो वहां कई मजदूर और बच्चे मिले। छापेमारी के दौरान पुलिस ने राजलक्ष्मी ट्रेवल्स की एक बस भी जब्त की। बताया जा रहा है कि इसी बस से मजदूरों को गुजरात भेजा जाना था। रेस्क्यू किए गए छह नाबालिगों में पांच लड़के और एक लड़की शामिल हैं। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के निर्देश पर चाइल्डलाइन चाईबासा को सौंप दिया गया है।
वहीं बाकी मजदूरों से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस ने इस मामले में गुजरात के मोरबी निवासी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान निकुंज गोविंद बोरसानिया और कादीवर निलेश भाई के रूप में हुई है। दोनों पर मजदूरों और बच्चों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्य ले जाने का आरोप है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और बाल श्रम कानून के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब श्रम विभाग के साथ मिलकर इस पूरे गिरोह के स्थानीय संपर्कों और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटी है, ताकि झारखंड से होने वाली मानव तस्करी के इस संगठित चेन को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।
–आईएएनएस
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