अगरतला, 19 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के धलाई जिले में एक महिला द्वारा अपने घर में भारी कैश दिखाने वाला वीडियो सामने आने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और तीन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में दो महिलाओं समेत गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या चार हो गई है। यह वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया था, जिसमें एक महिला अपने घर में बड़ी मात्रा में नगदी दिखाती नजर आ रही थी।
गिरफ्तार चार लोगों में पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य विभाग का एक कर्मचारी और एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के एक जवान और दो पुलिसकर्मियों, जिनमें एक महिला कांस्टेबल भी शामिल है, को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी एक बड़े, संगठित और प्रभावशाली अवैध निवेश रैकेट का हिस्सा हैं, जो व्यापारियों और लोगों से ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपए इकट्ठा करते थे।
जब निवेशक अपने पैसे वापस मांगते थे, तो आरोपी उन्हें डराने-धमकाने और यहां तक कि जान से मारने की धमकी तक देते थे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सिंडिकेट गंभीर वित्तीय अपराधों में शामिल है और इसके कुछ सदस्यों के प्रभाव का इस्तेमाल करके यह रैकेट चलाया जा रहा था। साथ ही आशंका है कि धोखाधड़ी से जुटाए गए पैसे को अवैध गतिविधियों में लगाया गया।
एक पुलिस कांस्टेबल रूपक साहा (30) ने भी आरोपियों के खिलाफ उनकी अवैध और गुप्त वित्तीय गतिविधियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।
हालांकि पुलिस अभी तक उस महिला के घर से कोई नगदी बरामद नहीं कर पाई है, जो एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
पुलिस को यह भी शक है कि इसमें अंतरराज्यीय गिरोह शामिल हो सकता है, जो अवैध वित्तीय लेन-देन और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई थी, जिसमें 100, 500 और 2000 रुपए के नोटों की गड्डियां दिखाई गई थीं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपए तक होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
पुलिस महानिदेशक अनुराग ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में लगभग 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पैसा कहां से आया और क्या यह धोखाधड़ी या नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है।

