Tuesday, May 26, 2026
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दिल्ली-एनसीआर में चोरी के 18 मामलों से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। दक्षिणी दिल्ली की पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में चोरी की 18 वारदातों में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 3.98 लाख रुपए कैश, चोरी किए गए तांबे के तारों के 22 बंडल, दो वाहन और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि आरोपियों की पहचान शाहदरा के खेड़ा निवासी सोनू (32) और उत्तर प्रदेश के लोनी स्थित न्यू विकास नगर के रहने वाले आरिफ (26) और चांद (30) के रूप में हुई।

पुलिस ने बताया कि सोनू टेंपो ड्राइवर, जबकि आरिफ और चांद टीएसआर (ऑटो रिक्शा) ड्राइवर के तौर पर काम करते थे।

ये गिरफ्तारियां 12 और 13 मई की दरमियानी रात को महरौली स्थित इग्‍नू रोड पर एक बिजली की दुकान में हुई सेंधमारी के सिलसिले में की गई हैं। पुलिस के अनुसार, चोरों ने दुकान का शटर तोड़ दिया और अंदर रखे तांबे के तार के बंडलों के साथ-साथ कैश चोरी कर लिया था।

महरौली पुलिस स्टेशन में ‘भारतीय न्याय संहिता’ की संबंधित धाराओं के तहत एक ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद एसएचओ महरौली इंस्पेक्टर रितेश शर्मा के नेतृत्व और एसीपी महरौली रघुबीर सिंह की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

जांच के दौरान, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया। इससे पता चला कि यह गिरोह अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली नंबर प्लेट लगी एक कार का इस्तेमाल करता है।

पुलिस ने सबसे पहले सोनू को एक ‘स्विफ्ट डिजायर’ कार के साथ पकड़ा। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने चोरी के तांबे के तार के बंडल और लोहे की दो छड़ें बरामद कीं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर दुकान के शटर तोड़ने के लिए किया गया था।

सोनू से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने आगे छापेमारी की और आरिफ तथा चांद को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, तीन अन्य आरोपी अय्यूब, अकबर और उबैस भाग निकलने में कामयाब रहे। पुलिस ने बताया कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जारी है।

जांचकर्ताओं ने 3,98,915 रुपए बरामद किए। पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान बरामद की गई ‘स्विफ्ट डिजायर’ कार तांबे के तार बेचकर कमाए गए पैसों से खरीदी गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से रात के समय बिजली की दुकानों को निशाना बनाता था और वहां से तांबे के तारों के बंडल तथा कैश चुरा लेता था। दिन के समय, आरोपी शक से बचने के लिए सामान्य काम-धंधे करते थे और चोरी का सामान ले जाने के लिए नकली रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे।

पुलिस ने बताया कि दिल्ली, गाजियाबाद और आसपास के एनसीआर इलाकों में अब तक चोरी के 18 मामलों में इस गिरोह की संलिप्तता साबित हो चुकी है। बाकी आरोपियों का पता लगाने और चोरी का और सामान बरामद करने के लिए आगे की जांच जारी है।