लखनऊ, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस क्रम में योगी सरकार ने राज्य भर के संग्रहालयों को सुदृढ़, आधुनिक और विकसित करने के लिए कई करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने वाराणसी, फिरोजाबाद, देवरिया, लखनऊ, झांसी और कुशीनगर में प्रमुख संग्रहालय परियोजनाओं के लिए धनराशि की पहली किस्त को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यटन संवर्धन और स्थानीय पहचान को नई गति प्रदान करना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का ध्यान बुनियादी ढांचे के विकास से परे उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत की रक्षा करने और इसे आधुनिक और आकर्षक तरीके से भावी पीढ़ियों के सामने प्रस्तुत करने पर है।
जयवीर सिंह ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता केवल विकास परियोजनाएं बनाना ही नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की गौरवशाली विरासत का संरक्षण करना और इसे आधुनिक रूप में भावी पीढ़ियों के सामने प्रस्तुत करना भी है। उन्होंने आगे कहा कि सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने चेतावनी दी कि घटिया सामग्री का उपयोग करने या परियोजना निष्पादन में लापरवाही बरतने वाली किसी भी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख आवंटनों में, वाराणसी के लाम्ही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय में आंतरिक सज्जा और संग्रहण कार्य के लिए 2.60 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार की विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करना है।
फिरोजाबाद में, ग्लास संग्रहालय में संग्रहण कार्य के लिए 4.40 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जबकि देवरिया स्थित सरकारी स्थान पुराने कचहरी परिसर में शहीद स्वर्गीय रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक स्थल के विकास, आंतरिक सज्जा और संग्रहण के लिए 30 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इस परियोजना से क्षेत्र की राष्ट्रवादी और ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
लखनऊ स्थित राज्य संग्रहालय में भी महत्वपूर्ण उन्नयन कार्य चल रहा है। बाल गैलरी, शैक्षिक गतिविधियों, कार्यशालाओं और भूदृश्य विकास के लिए लगभग 1.98 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। संग्रहालय परिसर के भीतर एक कैफेटेरिया और एक नए पुस्तकालय के लिए अतिरिक्त 4.59 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
सरकार ने झांसी स्थित सरकारी संग्रहालय को सुदृढ़ करने के लिए 3 करोड़ रुपए और कुशीनगर स्थित सरकारी बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए 15 करोड़ रुपए भी जारी किए हैं, जिससे राज्य में बौद्ध और विरासत पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

