Wednesday, June 17, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति दलाई लामा के पुराने मित्र अंतरराष्ट्रीय विद्वान पद्म श्री रॉबर्ट थर्मन का...

दलाई लामा के पुराने मित्र अंतरराष्ट्रीय विद्वान पद्म श्री रॉबर्ट थर्मन का निधन

0
6

धर्मशाला, 17 जून (आईएएनएस)। तिब्बती बौद्ध परंपरा के जाने-माने अंतरराष्ट्रीय विद्वान प्रोफेसर रॉबर्ट थर्मन का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है। ‘तिब्बत हाउस यूएस’ ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रोफेसर थर्मन को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया था और वे तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के लंबे समय से दोस्त थे।

‘तिब्बत हाउस यूएस’ के एक पोस्ट में कहा गया, “हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि रॉबर्ट ए.एफ. थर्मन का मंगलवार सुबह, 16 जून को वुडस्टॉक, न्यूयॉर्क में निधन हो गया। वे अमेरिका के जाने-माने बौद्ध विद्वान, ‘तिब्बत हाउस यूएस’ के सह-संस्थापक लेखक और अनुवादक थे, जिनकी शिक्षाओं ने अनगिनत लोगों के जीवन को संवारा।”

पोस्ट में आगे कहा गया, “थर्मन परिवार इस समय निजता चाहता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून, 2023 को न्यूयॉर्क में प्रोफेसर थर्मन से मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी और प्रोफेसर थर्मन ने इस बात पर अपने विचार साझा किए कि कैसे बौद्ध मूल्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं।

भारत सरकार के एक बयान के अनुसार, उन्होंने भारत के बौद्ध संबंधों और बौद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए भारत द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।

न्यूयॉर्क में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “बौद्ध धर्म के दुनिया के सबसे बड़े विद्वानों में से एक और भारत के सच्चे दोस्त प्रोफेसर रॉबर्ट थर्मन के निधन से गहरा दुख हुआ है।”

कॉन्सुलेट जनरल ने आगे कहा, “इंडो-तिब्बती बौद्ध अध्ययन के प्रति प्रोफेसर थर्मन के जीवन भर के समर्पण ने दुनिया भर की पीढ़ियों तक भगवान बुद्ध के शाश्वत ज्ञान को पहुंचाने और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान बढ़ाने में मदद की। हम नीना थर्मन और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में मुख्यालय वाले सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन (सीटीए) के अनुसार, प्रोफेसर थर्मन ने तिब्बती बौद्ध धर्म पर कई किताबें लिखीं, एडिट कीं और उनका अनुवाद किया है।

थर्मन ‘तिब्बत हाउस यूएस’ और ‘अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज़’ के प्रेसिडेंट भी रहे हैं। उन्होंने तिब्बती ‘काग्युर’ से ‘विमलकीर्ति सूत्र’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया। प्रोफेसर थर्मन तिब्बती बौद्ध धार्मिक और दार्शनिक सामग्री के अनुवाद और व्याख्या के लिए बहुत मशहूर हैं। उन्हें 1997 के 25 सबसे प्रभावशाली अमेरिकियों में से एक चुना गया था। 2006 में न्यूयॉर्क मैगजीन ने उन्हें धर्म के क्षेत्र में “प्रभावशाली लोगों” में से एक के तौर पर शामिल किया।