Wednesday, July 22, 2026
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ईडी ने गोवा में भूमि हड़पने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया

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पणजी, 17 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी जोनल कार्यालय ने 16 जुलाई को कर्नाटक के कारवार निवासी स्वर्गीय मोहम्मद खान के पुत्र सिद्दीक खान उर्फ ​​सुलेमान खान को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी गोवा में जाली और मनगढ़ंत स्वामित्व दस्तावेजों के माध्यम से उच्च मूल्य की अचल संपत्तियों पर बड़े पैमाने पर कब्जा करने वाले एक संगठित गिरोह का सरगना और प्रमुख लाभार्थी है।

ईडी ने आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ गोवा पुलिस द्वारा जालसाजी, धोखाधड़ी और अचल संपत्तियों के फर्जी हस्तांतरण के कई आपराधिक मामले दर्ज किए जाने के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। राज्य पुलिस ने उक्त मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पीएमएलए के तहत ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस गिरोह ने फर्जी और पूर्व-दिनांकित बिक्री विलेख और स्वामित्व दस्तावेज तैयार किए – कई मामलों में मृतक या वास्तविक मालिकों के काल्पनिक पूर्वजों के नाम पर – और इनका उपयोग करके आधिकारिक भूमि अभिलेखों में आरोपी और उसके साथियों के पक्ष में मूल्यवान भूमि पार्सल का फर्जी तरीके से स्वामित्व परिवर्तन और हस्तांतरण किया। इस प्रकार हड़पी गई संपत्तियों को बाद में बेचा गया, विकसित किया गया या उनका मुद्रीकरण करने का प्रयास किया गया, जिससे अपराध की पर्याप्त आय उत्पन्न हुई जिसे बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित किया गया।

अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से हासिल की गई और उसके नाम पर रखी गई अचल संपत्तियां लगभग 25 हेक्टेयर (लगभग 62.5 एकड़) उच्च मूल्य की भूमि हैं। चूंकि कोई वास्तविक प्रतिफल नहीं दिया गया और स्वामित्व पूरी तरह से जालसाजी के माध्यम से प्राप्त किया गया था, इसलिए अपराध से प्राप्त आय का प्रारंभिक अनुमान कम से कम 300 करोड़ रुपए लगाया गया है। कई पूर्व मामलों में दर्ज आरोपी को कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए ईडी ने पीएमएलए के तहत 16 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था।

उत्तर गोवा स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के समक्ष पेश किए जाने पर, ईडी को पूछताछ के लिए आरोपी की पांच (5) दिनों की हिरासत दी गई है, ताकि धन के संपूर्ण लेन-देन का पता लगाया जा सके, दूषित संपत्तियों और अन्य लाभार्थियों की पहचान की जा सके और व्यापक साजिश का खुलासा किया जा सके। आगे की जांच जारी है।