रांची, 23 जुलाई (आईएएनएस)। रांची के सदर थाना क्षेत्र में जमीन कारोबारी रमेश ठाकुर की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि मृतक के ही दोस्तों ने मिलकर की थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध से भी पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी विवाद और पैसों के लेन-देन का मामला सामने आया है। बुधवार की सुबह सदर थाना क्षेत्र के खोरहाटोली में रमेश ठाकुर का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था। उनके सिर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजकर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी क्रम में पुलिस का संदेह मृतक के कुछ करीबी दोस्तों पर गया। इसके बाद चार लोगों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान तीन आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस को वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग और साक्ष्य भी मिले हैं।
सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के पीछे आपसी विवाद और आर्थिक लेन-देन का मामला था। हालांकि पुलिस अभी किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बयान के आधार पर मामले की अन्य कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों का भी मिलान किया जा रहा है।
–आईएएनएस
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