Wednesday, August 5, 2026
SGSU Advertisement
Home राज्य पीएमसीओई में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण पर विशेष कार्यक्रम, विद्यार्थियों को सकारात्मक...

पीएमसीओई में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण पर विशेष कार्यक्रम, विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन का दिया संदेश

0
16

भोपाल : 5 अगस्त/ विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के अंतर्गत “मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन पीएम एक्सीलेंस कॉलेज (PMCOE), शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, भोपाल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा तनाव, भावनात्मक चुनौतियों और बदलती जीवनशैली से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील बनाना रहा।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रचना मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य वक्ता के रूप में मनोवैज्ञानिक एवं प्रोफेशनल काउंसलर डॉ. रत्ना शर्मा ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी।

मानसिक स्वास्थ्य केवल बीमारी का अभाव नहीं

डॉ. रत्ना शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ केवल मानसिक समस्याओं का न होना नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और स्वस्थ सामाजिक व्यवहार का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक चुनौतियों का सामना करने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना शैक्षणिक सफलता के साथ-साथ बेहतर जीवन के लिए भी बेहद आवश्यक है।

विद्यार्थियों के लिए सहयोगात्मक माहौल जरूरी

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शैक्षणिक विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों का मानसिक और भावनात्मक विकास भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। बदलती जीवनशैली, पढ़ाई का दबाव, व्यक्तिगत अपेक्षाओं और सामाजिक परिस्थितियों के बीच विद्यार्थियों को ऐसा सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें और समय पर उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

मानसिक स्वास्थ्य पर खुले संवाद की आवश्यकता

नेशनल टास्क फोर्स की नोडल प्रभारी डॉ. ममता एक्का के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुले संवाद और जागरूकता की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते उसे समझना, स्वीकार करना और आवश्यक सहयोग लेना स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी फैकल्टी सदस्यों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को प्रभावी और सार्थक बनाया। आयोजन के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवाद और सहयोग की संस्कृति को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. संस्कृति दामड़े ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील, सहयोगात्मक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करना है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि स्वस्थ, सकारात्मक और सशक्त शैक्षणिक समुदाय की आधारशिला है।