कोलकाता, 5 अगस्त (आईएएनएस)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित पार्टी कार्यालय को गिराने की कार्रवाई पर लगी अंतरिम रोक को 21 अगस्त तक बढ़ा दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस शुभ्रा घोष की एकल पीठ के समक्ष हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता सुरजीत नाथ मित्रा ने अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को दोपहर 2 बजे निर्धारित करते हुए अंतरिम आदेश को 21 अगस्त तक जारी रखने का निर्देश दिया।
अदालत के इस आदेश के चलते उक्त अवधि तक पार्टी कार्यालय को गिराने संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। इस बीच, अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक अन्य मामले में झटका भी लगा है। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और उनकी याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि पिछली सुनवाई में उन्होंने अभिषेक बनर्जी को पहले कोलकाता के सरकारी एस.एस.के.एम. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सलाह दी थी। अदालत ने कहा था कि अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि, बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका मैमन जॉन ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल एस.एस.के.एम. अस्पताल नहीं जाना चाहते। इसके बाद अदालत ने विदेश जाकर उपचार कराने की अनुमति देने से इनकार करते हुए पूरी याचिका ही खारिज कर दी।
गौरतलब है कि 20 जुलाई की सुनवाई में हाई कोर्ट द्वारा एस.एस.के.एम. अस्पताल से परामर्श लेने की सलाह दिए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, शीर्ष अदालत की पीठ ने मामले को वापस कलकत्ता हाई कोर्ट भेजते हुए सात दिनों के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया था।
इसी निर्देश के तहत बुधवार को मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद हाई कोर्ट ने विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया। फिलहाल, एक ओर जहां आमतला स्थित पार्टी कार्यालय को लेकर अभिषेक बनर्जी को हाई कोर्ट से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर विदेश में आंखों के इलाज के लिए यात्रा की अनुमति न मिलने से उन्हें कानूनी झटका लगा है।

