Thursday, August 6, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति में...

बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति में शोक की लहर

0
3

लखनऊ, 5 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक और विधानसभा में पार्टी के इकलौते प्रतिनिधि उमाशंकर सिंह का बुधवार शाम लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति, खासकर पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उमाशंकर सिंह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की सूचना मिलते ही रसड़ा विधानसभा क्षेत्र और बलिया जिले में समर्थकों व शुभचिंतकों के बीच शोक का माहौल छा गया।

उनके निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का कोई विधायक नहीं बचा है। बलिया जिले के नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह ने वर्ष 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था।

इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव भी लगातार जीतकर क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ कायम रखी। वर्ष 2022 के चुनाव में, जब बसपा को प्रदेशभर में केवल एक सीट मिली थी, तब उमाशंकर सिंह अकेले विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे और बाद में उन्हें बसपा विधायक दल का नेता भी बनाया गया। अपने राजनीतिक जीवन में एक समय उनकी विधानसभा सदस्यता लाभ के पद से जुड़े मामले में समाप्त हुई थी, लेकिन बाद में उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी।

राजनीति के साथ-साथ उमाशंकर सिंह अपनी सामाजिक गतिविधियों के कारण भी चर्चा में रहे। उन्होंने सैकड़ों गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर अलग पहचान बनाई। पहले 251 और बाद में 351 जोड़ों के सामूहिक विवाह का आयोजन कर उन्होंने प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। क्षेत्र में शिक्षा, सामाजिक सहयोग और जनसेवा के कार्यों के कारण भी उनकी व्यापक पहचान थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

उमाशंकर सिंह को पूर्वांचल में बसपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में माना जाता था। लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव जीतना उनके मजबूत जनाधार का प्रमाण माना जाता है। उनके निधन से न केवल बसपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति ने भी एक सक्रिय और जनाधार वाले नेता को खो दिया है।