Sunday, August 16, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति कांग्रेस की मानसिकता में अपने देश मातृभूमि और लोगों से प्रेम नहीं...

कांग्रेस की मानसिकता में अपने देश मातृभूमि और लोगों से प्रेम नहीं : सीताराम दास

0
7

सूरत, 16 जुलाई (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस कार्यालय में कथित तौर पर वंदे मातरम को बीच में रोकने और गीत का अपमान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच भारत साधु समाज के नेता सीताराम दास महाराज ने रविवार को कांग्रेस पार्टी की आलोचना की।

सीताराम दास महाराज ने आईएएनएस से कहा, “राहुल गांधी की सोच ही छोटी है। जब वह देश के प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द बोल सकते हैं, तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है? वंदे मातरम व्यक्तिगत और किसी पार्टी का नहीं बल्कि देश को समर्पित है। कांग्रेस की मानसिकता ही ऐसी है कि उसे अपने मातृभूमि और लोगों से प्रेम नहीं है। सभी ने राहुल गांधी को देखा है कि वह किस तरह से वस्त्र के ऊपर जनेऊ पहनते हैं और कभी जाली वाली टोपी पहनते हैं। ऐसा काम सिर्फ छलावा वाले लोग ही करते हैं। वंदे मातरम का मतलब है, अपनी मां, गौ मां और धरती मां वंदनीय हैं और हम उन्हें नमन करते हैं।”

उन्होंने कहा, “हाल ही में ‘जेन-जी’ के आंदोलन में कांग्रेस पार्टी की मानसिकता देश को पीछे धकेलने वाली थी। जैसे बांग्लादेश और नेपाल में हिंसा हुई, वैसी ही हिंसा भारत में करने की मंशा थी। पीएम मोदी कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं; वे महापुरुष हैं। जब उन्हें अनहोनी के बारे में ज्ञान हुआ, तो वे तत्काल बड़ा फैसला करते हुए, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा दिलवा दिया और मामले को शांत कर दिया।”

सीताराम दास ने कहा, “अगर कांग्रेस सच में विद्यार्थियों की प्रेमी है, तो झारखंड के अंदर बच्चों के साथ जो कुछ हो रहा है, उस समय में कांग्रेस पार्टी का छात्रों के लिए प्रेम कहां चला गया? गांधी परिवार जहां से आया है, वहीं चला जाए, तो उन्हें शांति मिल जाएगी। भारत में कभी उन्हें शांति नहीं मिल सकती क्योंकि वे सनातन और हिंदुओं से नफरत करते हैं।”

उन्होंने कहा, “बंटवारे के बाद भी राहुल गांधी अल्पसंख्यक समुदाय को संतुष्ट करने के लिए जाली की टोपी पहन लेते हैं। उन्हें इस मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए।”