नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कांग्रेस नेताओं पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही, उन्होंने अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला को ‘काफिर’ कहे जाने की भी निंदा की।
विनोद बंसल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं ने, जो सभी ‘हाईकमान’ से भी ऊपर ‘हाईकमान’ हैं, सबके सामने सार्वजनिक रूप से वंदे मातरम का अपमान किया और इस तरह भारत माता का अपमान किया। यह कोई छिपी हुई बात नहीं थी। पूरा वीडियो कांग्रेस के अपने ट्विटर हैंडल पर मौजूद है।”
उन्होंने आगे कहा, “वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि वंदे मातरम के दो अंतरे पूरे ही हुए थे, उतने में सोनिया गांधी को बेचैनी शुरू हो जाती है। राहुल गांधी भी हिलते रहते हैं। इसके बाद कांग्रेस पार्टी सफाई देती है कि सोनिया गांधी को खड़गे की चिंता थी और वह कुर्सी मंगा रही थीं क्योंकि वे थक रहे थे।”
बंसल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की 1937 वाली मानसिकता फिर से सामने आ गई है। उन्होंने कहा, “देशद्रोह का इससे बड़ा नमूना कोई दूसरा नहीं हो सकता है। हालांकि कांग्रेस देशद्रोह के लिए जानी जाती है। कांग्रेस को इस मानसिकता से निकलना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी को इस अपमान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।”
दूसरी ओर अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला को सोशल मीडिया पर ‘काफिर’ कहे जाने और धमकी दिए जाने पर भी विहिप प्रवक्ता ने कड़ी आपत्ति जताई। विनोद बंसल ने कहा, “इस्लामी जिहादी तत्व यह बर्दाश्त नहीं कर पाते कि कोई मुस्लिम महिला आत्म-सम्मान के साथ, अपनी आस्था और विश्वास के साथ, जनता और अपनी संस्कृति के साथ खड़ी हो। वे यह पक्का करना चाहते हैं कि किसी न किसी तरह वह बुर्के और उस जिहादी सोच से बाहर न निकल पाए।”
उन्होंने सवाल किया, “अगर कोई एक्ट्रेस धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेती है, तो कुछ लोगों को इतनी तकलीफ क्यों होती है। उनका अंदरूनी जिहाद बार-बार क्यों जाग उठता है? वे उसे काफिर क्यों कहने लगते हैं और उसे पीटने की बातें क्यों करने लगते हैं? यह भारत है, कोई सीरिया, पाकिस्तान या अफगानिस्तान नहीं है। वे बदल जाएं क्योंकि भारत बदल रहा है। महिला का सम्मान करना चाहिए।” बंसल ने तेलंगाना सरकार से अपील की कि वह महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करे और ‘काफिर’ कहकर मारने की धमकी देने वाली मानसिकता को पनपने से रोके।

