Sunday, August 16, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर चिदंबरम को रविशंकर प्रसाद ने घेरा, बोले- देश...

‘दिमागी नक्सल’ बयान पर चिदंबरम को रविशंकर प्रसाद ने घेरा, बोले- देश को दें जवाब

0
6

पटना, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर निशाना साधा। उन्होंने चिदंबरम के बयान को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि देश के पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का संदर्भ समझना चाहिए था।

रविशंकर प्रसाद ने रविवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक विकसित भारत का रोडमैप देश के सामने रखा। प्रधानमंत्री ने युवाओं, किसानों और समाज के सभी वर्गों की बात करते हुए कहा था कि सरकार ने माओवाद और नक्सलवाद को समाप्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ लोग अब भी मानसिक रूप से नक्सली सोच रखते हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इसी बयान पर चिदंबरम ने कहा, “पीएम मोदी, मैं भी दिमागी रूप से नक्सली हूं।” उन्होंने सवाल किया कि चिदंबरम को बताना चाहिए कि इस टिप्पणी का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि चिदंबरम राज्यसभा सांसद होने के साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और देश के पूर्व गृह मंत्री भी रहे हैं। ऐसे में उनसे अधिक जिम्मेदारी और गंभीरता की अपेक्षा की जाती है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों के कारण देश में माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। बस्तर समेत उन क्षेत्रों में आज तिरंगा लहरा रहा है, जहां कभी माओवादियों का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे हैं और उन इलाकों में जाकर स्थिति को करीब से देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एक पूरा इकोसिस्टम माओवाद और नक्सलवाद के प्रति नरम रवैया रखता रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ और ‘अर्बन नक्सल’ इसी मानसिकता के अलग-अलग रूप हैं। रविशंकर प्रसाद ने छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र और चुनाव के रास्ते को चुनौती देने वाले माओवादी हिंसा का सहारा लेते थे। इसके बावजूद भाजपा ने लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखा।

वंदे मातरम् के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के कार्यक्रम में कांग्रेस नेतृत्व द्वारा वंदे मातरम् के गायन को लेकर आपत्ति जताना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका का दावा करने वाली कांग्रेस के नेतृत्व द्वारा राष्ट्रगीत का तिरस्कार किया जाना गंभीर विषय है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को वंदे मातरम् के प्रति अपने रवैये को लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चिदंबरम के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे कांग्रेस की मानसिकता का प्रमाण बताया।