नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रविवार को चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे। नेपाल यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ को एक विशेष समारोह में नेपाली सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। यह समारोह 17 अगस्त को नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा आयोजित किया जाएगा।
दरअसल, भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से यह परंपरा रही है कि दोनों देशों के मौजूदा सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान की जाती है। यह परंपरा दोनों सेनाओं के बीच ऐतिहासिक, सैन्य और मैत्रीपूर्ण संबंधों की विशेष पहचान मानी जाती है।
नेपाल के रक्षा मंत्रालय और नेपाली सेना के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों की सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण और घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनरल धीरज सेठ रविवार को अपने पांच सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नेपाल पहुंचे हैं। उन्हें नेपाल के सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर यह दौरा कर रहे हैं।
जनरल सेठ के साथ भारतीय सेना की आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष कोमल सेठ भी नेपाल पहुंची हैं। काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय सेना प्रमुख और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत नेपाली सेना के उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप जंग के.सी. और उनकी पत्नी ने किया। सोमवार 17 अगस्त को जनरल धीरज सेठ नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि ग्रहण करेंगे।
नेपाली सेना का कहना है कि इस तरह के उच्चस्तरीय सैन्य दौरे दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे दौरे दोनों सेनाओं को साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने और आपसी समझ को और बढ़ाने का अवसर देते हैं।
जनरल धीरज सेठ के नेपाल दौरे को भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, मानवीय सहायता, आपदा राहत और विभिन्न स्तरों पर नियमित सैन्य आदान-प्रदान की परंपरा रही है।
नेपाली सेना का कहना है कि उच्चस्तरीय सैन्य अधिकारियों के बीच नियमित संपर्क और यात्राएं दोनों सेनाओं के बीच कायम पारंपरिक संबंधों को निरंतर बनाए रखने तथा उन्हें और मजबूत करने में योगदान देती हैं।

