कोलकाता, 16 अगस्त (आईएएनएस)। रविवार को परिवार वालों ने आरोप लगाया कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज में लापरवाही के कारण एक युवक की मौत हो गई।
उन्होंने अस्पताल परिसर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी से घटना की जांच करने और राज्य के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं देने के तरीके को बदलने की अपील की।
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, मृतक युवक का नाम प्रीतम रॉय है। उसे शनिवार शाम करीब 5:30 बजे सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटों के साथ ट्रॉमा केयर सेंटर लाया गया था।
हावड़ा जिले के राजचंद्रपुर के रहने वाले प्रीतम के पैरों की दोनों हड्डियां और कमर की बाईं हड्डी टूट गई थी।
आरजी कर अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, बहुत ज्यादा खून बहने के कारण मरीज को ‘हेमोरेजिक शॉक’ (खून की भारी कमी से सदमा) लगा, जिसके बाद शनिवार रात करीब 10:30 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतक के परिवार के सदस्य शौविक सरकार ने रविवार को सीधे तौर पर आरजी कर अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
अस्पताल के सुपरिटेंडेंट सप्तर्षि चटर्जी ने कहा कि शिकायत की जांच की जा रही है।
इससे पहले इस साल मार्च में, दमदम के रहने वाले अरूप बनर्जी की आरजी कर ट्रॉमा केयर बिल्डिंग की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई थी। उस समय प्रशासन पर निगरानी में लापरवाही के आरोप लगे थे।
9 अगस्त, 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में एक महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों ने न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतरकर आंदोलन, विरोध प्रदर्शन, रात भर जागकर विरोध किया, भूख हड़ताल कीं और कई जुलूस निकाले।
उस समय अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे।
बाद में, प्रशासन के साथ एक बैठक में, आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों ने बुनियादी ढांचे के विकास, निगरानी आदि जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में आश्वासन भी दिया गया।

