कोलकाता, 17 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में एक भीषण होटल आग हादसे में सात लोगों की मौत के बाद रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ध्रुब साहा ने स्थानीय विकास प्राधिकरण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाली संकरी गली में होटल बनाने को लेकर आपत्तियों को नजरअंदाज कर विकास प्राधिकरण ने पैसे लेकर होटल को अनुमति दी थी।
सोमवार दोपहर मीडिया से बात करते हुए साहा ने कहा कि तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीआरडीए) को इतनी भीड़भाड़ वाली गली में होटल बनाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि आग लगने की खबर मिलने के बाद भी फायर ब्रिगेड को पहुंचने में काफी समय लगा। उस जगह पर होटल बनाने की इजाजत कैसे दी गई। इतनी बड़ी इमारत, लेकिन वहां आग बुझाने के बहुत कम इंतजाम थे। इमारत असल में ‘लाख का घर’ जैसी थी। पक्का होटल के लिए इजाजत देने के पीछे रिश्वत का मामला था। ऐसा लगता है कि टीआरडीए ने यह भी नहीं देखा कि आग बुझाने के इंतजाम हैं या नहीं। इन सात लोगों की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा।
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी रविवार को अपने घर पर बने पार्टी ऑफिस के कमरे में मृत पाए गए थे। मौके से मिले सुसाइड नोट में मृतक नेता ने टीआरडीए में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का जिक्र किया था और कहा था कि पूर्व विधायक होने के बावजूद वह उस भ्रष्टाचार को रोकने में बेबस थे।
अब, मौजूदा विधायक के आरोपों से टीआरडीए में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।
इस बीच, बीरभूम के जिला पुलिस अधीक्षक विदित राज बुंदेश ने मीडिया को बताया कि होटल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के आरोपों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मालिक कल्याण पॉल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। हमारे अधिकारी अब उससे पूछताछ कर रहे हैं। जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक फोरेंसिक टीम पहले से ही मौके पर मौजूद है। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या फायर लाइसेंस सही था या नहीं।

