Wednesday, August 19, 2026
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दिल्ली जल बोर्ड टेंडर में हुए भ्रष्टाचार का लाभ किसे मिला, इसकी जांच हो: गौरव वल्लभ

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नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने दिल्ली जल बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी, झारखंड में 44 परीक्षाओं को रद्द किए जाने और ओबीसी अधिकारों को लेकर राहुल गांधी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सत्येंद्र जैन पर दिल्ली जल बोर्ड के टेंडरों में कथित तौर पर नियम और शर्तें बदलकर अपने लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने झारखंड सरकार से जवाबदेही तय करने और राहुल गांधी पर समाज को जाति एवं धर्म के आधार पर बांटकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर गौरव वल्लभ ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर में कथित अनियमितताओं के दौरान टेंडर की शर्तों में बदलाव किए गए, ताकि कुछ खास लोगों को ठेका दिलाया जा सके। इस मामले में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और यह सामने आना चाहिए कि कथित भ्रष्टाचार से हासिल धन का वास्तविक लाभ किसे मिला।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्येंद्र जैन द्वारा कथित भ्रष्टाचार के जरिए कमाया गया पैसा तत्कालीन दिल्ली सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा था? उन्होंने अरविंद केजरीवाल और आतिशी समेत आप के अन्य नेताओं की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए और कहा कि दिल्ली की जनता यह जानना चाहती है कि दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले के असली लाभार्थी कौन हैं।

गौरव वल्लभ ने आम आदमी पार्टी पर सत्येंद्र जैन को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने दिल्ली में कथित शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार और मुख्यमंत्री आवास से जुड़े विवादों का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली की जनता के पैसे के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर सवाल पहले से उठते रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर में कथित तौर पर नियम और शर्तें बदलने के मामले में जांच एजेंसियों को यह पता लगाना चाहिए कि इससे किसे आर्थिक लाभ हुआ और इस पूरे कथित भ्रष्टाचार में कौन-कौन लोग शामिल थे।

झारखंड में 44 परीक्षाओं के रद्द किए जाने को लेकर भी गौरव वल्लभ ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी राज्य में डिप्टी कलेक्टर से लेकर असिस्टेंट प्रोफेसर, ड्रग इंस्पेक्टर और स्कूल शिक्षक जैसे पदों की परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं, तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण एक पूरी पीढ़ी के युवाओं के सपने प्रभावित हुए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक परीक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं होती, बल्कि उनके वर्षों की मेहनत और भविष्य की उम्मीदों से जुड़ी होती है।

भाजपा नेता ने कहा कि 44 परीक्षाओं का रद्द होना अपने आप में गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े करता है। उन्होंने झारखंड सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में यदि बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सीएम हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनमें एक प्रतिशत भी नैतिकता बची है तो उन्हें नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। सरकार की लापरवाही के कारण राज्य के युवाओं के भविष्य और उनके भरोसे को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

ओबीसी अधिकारों को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर गौरव वल्लभ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ओबीसी समाज को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी धर्म, जाति और सामाजिक वर्गों के आधार पर लोगों को बांटकर राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहते हैं। राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग सामाजिक समूहों की बात करते हैं। कभी राहुल गांधी खुद को ब्राह्मण समाज से जोड़ते हैं, कभी मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की बात करते हैं और अब ओबीसी तथा दलित समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं।

भाजपा नेता ने दावा किया कि राहुल गांधी का उद्देश्य सामाजिक मुद्दों के समाधान से ज्यादा राजनीतिक सत्ता हासिल करना है। देश की जनता राहुल गांधी की राजनीति और उनके बयानों को समझ चुकी है।