Wednesday, August 19, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय पालघर: दापचरी बनेगा अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार का केंद्र, 1395 एकड़ में विकसित...

पालघर: दापचरी बनेगा अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार का केंद्र, 1395 एकड़ में विकसित होगा कृषि हब, मंत्री ने किया निरीक्षण

0
4

पालघर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित दापचरी में प्रस्तावित 1,395 एकड़ क्षेत्रफल वाले अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। फ्रांस के प्रसिद्ध रुंगीस मार्केट की तर्ज पर विकसित होने वाला यह अत्याधुनिक कृषि व्यापार केंद्र किसानों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम करेगा। सरकार का दावा है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से स्थानीय स्तर पर करीब 10 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इसी कड़ी में राज्य के मंत्री जयकुमार रावल ने बुधवार को दापचरी पहुंचकर प्रस्तावित परियोजना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मंत्री जयकुमार रावल ने गोशाला परिसर, गोहर धाड़ कृषि विभाग और नया मोहरा कृषि विभाग समेत परियोजना क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सुभाष भागडे, बाबासाहेब थोरात, पणन मंडल के कार्यकारी संचालक संजय कदम, सहायक परियोजना अधिकारी शैलेश सावंत, डहाणू तहसीलदार सुनील कोली, उपनिबंधक किशन रत्नाले, तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जयकुमार रावल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार दापचरी में एक आधुनिक और विश्वस्तरीय कृषि बाजार विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र, कोंकण और पश्चिम महाराष्ट्र सहित देशभर के किसानों की उपज पहुंच सकेगी।

उन्होंने बताया कि बाजार में फल, सब्जियां, फूल, अनाज, मछली, दुग्ध उत्पाद और मांस सहित विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए प्रसंस्करण, पैकिंग, भंडारण और निर्यात की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

सरकार की योजना दापचरी को एकीकृत मल्टी-मॉडल कृषि लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की है। परियोजना को वाढवण डीपवॉटर पोर्ट, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, समृद्धि महामार्ग, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वडोदरा एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख बुनियादी सुविधाओं से कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

इससे कृषि उत्पादों के परिवहन और निर्यात में आसानी होगी तथा लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही फल, सब्जियां, फूल, अनाज, दालें, मसाले और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि परियोजना का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय नागरिकों को होगा। इसके माध्यम से करीब 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कृषि प्रसंस्करण इकाइयों, गोदामों, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स, पैकिंग, परिवहन और अन्य सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

जयकुमार रावल ने कहा कि वर्तमान में स्थानीय किसान और मछुआरे अपना उत्पाद बेचने के लिए मुंबई और वाशी तक जाते हैं। दापचरी में अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार बनने के बाद उन्हें अपने क्षेत्र में ही बड़ा व्यापारिक मंच उपलब्ध होगा।

इससे परिवहन लागत कम होगी, उत्पादों के बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए किसी का विस्थापन नहीं किया जाएगा। कई वर्षों से उपयोग में नहीं लाई जा रही सरकारी जमीन का सुनियोजित विकास कर यह परियोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कृषि बाजार नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और पालघर को अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षी पहल है। सरकार सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से इस परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए कार्य कर रही है।