चेन्नई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने तमिलनाडु सरकार को स्टरलाइट विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थूथुकुडी गोलीबारी घटना के संबंध में न्यायमूर्ति अरुणा जगदीसन आयोग की सिफारिशों पर अब तक की गई कार्रवाई पर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मदुरै के बीबी कुलम क्षेत्र के कथिरेशन और अन्य ने मदुरै बेंच के समक्ष याचिका दायर की थी। अपनी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि स्टरलाइट कॉपर को स्थायी रूप से बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे आम लोगों पर पुलिसकर्मियों ने सादे कपड़ों में गोली चलाई और मानक पुलिस प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। उन्होंने गोलीबारी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की।
यह याचिका न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन और न्यायमूर्ति आर. शक्तिवेल की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। सुनवाई के दौरान, न्यायाधीशों ने सवाल किया कि क्या तमिलनाडु सरकार ने न्यायमूर्ति अरुणा जगदीसन आयोग की रिपोर्ट स्वीकार कर ली है।
सरकार ने बताया कि आयोग की सिफारिशों को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है और कैबिनेट में इस पर चर्चा हो चुकी है। सरकार ने आगे कहा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सहित अन्य सिफारिशें विचाराधीन हैं।
इस स्तर पर, याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि हम इस मामले में आठ साल से इंतजार कर रहे हैं। न्यायाधीशों ने जवाब दिया कि धैर्य सागर से भी बड़ा होता है।
इसके बाद न्यायाधीशों ने सवाल किया कि क्या गोलीबारी की घटना में मारे गए और प्रभावित लोगों को केवल 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है।
न्यायाधीशों ने यह भी पूछा कि सरकार ने अरुणा जगदीसन आयोग की सिफारिशों पर किस हद तक कार्रवाई की है, सरकारी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की वर्तमान स्थिति क्या है, कौन सी कार्रवाई रोक दी गई हैं और कौन सी अभी भी जारी हैं।
सरकार ने अरुणा जगदीसन आयोग की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई, पीड़ितों को दिए गए मुआवजे, प्रभावित व्यक्तियों को दिए गए सरकारी रोजगार के विवरण और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई सहित सभी पहलुओं को स्पष्ट करने वाला हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
अनुरोध स्वीकार करते हुए न्यायाधीशों ने तमिलनाडु सरकार को एक सप्ताह का समय दिया और उसे अब तक की गई कार्रवाई पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
इसके बाद मदुरै पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

