राजकोट, 23 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने 31 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। 60 वर्षीय प्रताप भूरिया को वलसाड जिला स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने राजकोट जिले के खातली गांव से गिरफ्तार किया। वह वर्ष 1996 के एक लूटकांड मामले में वांछित था, जो वापी टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
आरोपी प्रताप भूरिया के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 392 और 395 के तहत मामला दर्ज था। पुलिस के अनुसार, वह कई वर्षों से गिरफ्तारी से बचता रहा और राज्य के विभिन्न जिलों में कृषि मजदूर के रूप में काम करते हुए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 27 नवंबर 1996 की रात का है। आरोप है कि चार अज्ञात लोग वापी के छीरी काडिया फलिया इलाके में एक व्यक्ति के घर में घुस गए थे। आरोपियों ने डंडे और चाकू जैसे हथियारों से शिकायतकर्ता और गवाहों को धमकाया। घर और दुकान से नकदी और सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दो आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से प्रताप की तलाश फिर से शुरू की।
एलसीबी ने मुखबिरों का नेटवर्क विकसित किया और पता लगाया कि प्रताप कृषि मजदूर के रूप में काम कर रहा है तथा लगातार अपना निवास बदल रहा है।
मामले में बड़ी सफलता तब मिली जब पैरोल-फरलो स्क्वॉड के सहायक पुलिस कांस्टेबल पंकज रूपाभाई को सूचना मिली कि प्रताप राजकोट जिले के जम कंडोरना क्षेत्र के खातली गांव में काम कर रहा है।
पुलिस उपनिरीक्षक जेबी धनैशा के नेतृत्व में एलसीबी की टीम पिछले लगभग तीन महीने से इस मामले पर काम कर रही थी। टीम के सदस्य खातली गांव में रहकर स्थानीय मुखबिरों से संपर्क में रहे और वेश बदलकर मानव खुफिया नेटवर्क के जरिए जानकारी जुटाते रहे।
आखिरकार प्रताप भूरिया को हरेशभाई वेकारिया के खेत से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रताप मूल रूप से मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के बोकडिया गांव का रहने वाला है और गिरफ्तारी के समय खातली स्थित फार्म पर रह रहा था।
गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए वापी टाउन पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया है।
यह गिरफ्तारी गुजरात पुलिस द्वारा लंबे समय से फरार वांछित आरोपियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है।

