हैदराबाद, 3 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को हैदराबाद में गांजा रैकेट की सरगना नीतू बाई से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
ईडी के अधिकारी नीतू बाई से जुड़े नौ स्थानों पर विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चला रहे थे, जिन्हें ‘गांजा क्वीन’ के नाम से जाना जाता है।
खबरों के मुताबिक, ये तलाशी तेलंगाना के एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (ईएजीएल) और निषेध एवं उत्पाद शुल्क विभाग द्वारा उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।
ईडी द्वारा की गई ये तलाशी नशामुक्त भारत अभियान के तहत देशभर में मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई का एक हिस्सा है।
हैदराबाद में ईडी ने नीतू बाई पर ध्यान केंद्रित किया, जो ईगल के साइबराबाद नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन और आबकारी विभाग द्वारा दर्ज किए गए कई मामलों में फरार बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने ईगल एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और गांजा की बिक्री से प्राप्त कथित धनराशि और उसके प्रबंधन की जांच कर रही है।
केंद्रीय एजेंसी अवैध गांजा बिक्री के माध्यम से कथित तौर पर अर्जित धन और संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है। तलाशी के बाद ईडी द्वारा जांच का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराए जाने की संभावना है।
नीतू बाई और उनके नेटवर्क पर अवैध व्यापार के माध्यम से करोड़ों रुपये कमाने और कथित तौर पर उस रकम का एक बड़ा हिस्सा हवाला चैनलों के माध्यम से ट्रांसफर करने का संदेह है।
ईडी के अधिकारी अपराध से प्राप्त संदिग्ध धनराशि के प्रवाह का पता लगाने के लिए वित्तीय लेनदेन, संपत्ति दस्तावेजों, बैंक खातों और अन्य अभिलेखों की जांच कर रहे हैं। वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कथित ड्रग व्यापार से अर्जित धन को परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर अचल संपत्तियों और अन्य परिसंपत्तियों में निवेश किया गया है या नहीं।
नानकरामगुडा के लोढ़ा बस्ती स्थित नीतू बाई के आवास को कथित तौर पर परिवार द्वारा संचालित गांजे की खुदरा बिक्री का अड्डा माना जा रहा है। उसके पति मुन्ना सिंह, बेटे गौतम, गोविंद और बेटी कथित तौर पर गांजे की पैकेजिंग और बिक्री में उसकी मदद करते हैं।
पहले भी ईगल के अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों समेत कई नशेड़ियों को उसके घर से गांजा खरीदते हुए पकड़ा था। इस संबंध में दर्ज कई एफआईआर में उसका नाम आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया था। हालांकि, वह पकड़ में नहीं आई और एफआईआर में उसे फरार बताया गया है।
2024 में साइबराबाद स्पेशल ऑपरेशन टीम (एसओटी) ने उनके आवास पर छापा मारा था और 20 किलोग्राम गांजा और 20 लाख रुपये नकद जब्त किए थे।
