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नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में असम का सबसे अच्छा प्रदर्शन : सीएम सरमा

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गुवाहाटी, 3 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के मामले में असम सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है। राज्य का अनुपालन स्कोर 92.16 प्रतिशत रहा, जबकि राष्ट्रीय औसत 74.86 प्रतिशत है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर, सीएम सरमा ने 1 जुलाई, 2024 को लागू हुए नए आपराधिक कानूनों (‘न्याय संहिता’) के बाद से असम के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनी ढांचे को लागू करने में असम लगातार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है।

सीएम सरमा के अनुसार, राज्य ने नई आपराधिक न्याय प्रणाली को लागू करने से जुड़े कई अहम पैमानों पर 100 प्रतिशत अनुपालन हासिल किया है। उन्होंने बताया कि इनमें ‘न्याय संहिता’ को लागू करना और ‘मॉडल नियमों’ को अपनाना शामिल है।

असम ने ‘इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम’ (आईसीजेएस) डेटा शेयरिंग मैट्रिक्स में भी पूर्ण अनुपालन दर्ज किया है, जो विभिन्न एजेंसियों और प्रणालियों के बीच आपराधिक न्याय से जुड़ी जानकारी के आदान-प्रदान को आसान बनाता है।

सीएम सरमा ने कहा कि राज्य ने ‘नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ (एनएएफआईएस) और ‘मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्टिंग सिस्टम’ में भी 100 प्रतिशत अनुपालन हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रगति तकनीक के अधिक उपयोग, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और नए कानूनों के प्रावधानों का पालन करके आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने के राज्य के प्रयासों को दर्शाती है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पीड़ितों पर उचित ध्यान दिया जाए और मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।

सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए सीएम सरमा ने कहा, “हर पीड़ित की बात सुनी जाती है, हर मामले को अंत तक आगे बढ़ाया जाता है, और हर नागरिक को समय पर न्याय मिलता है।”

तीन नए आपराधिक कानूनों; भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम; ने क्रमशः 1 जुलाई, 2024 से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है, जो भारत के आपराधिक न्याय ढांचे में एक बड़ा बदलाव है।

असम सरकार का यह नवीनतम प्रदर्शन मूल्यांकन ऐसे समय में आया है, जब विभिन्न राज्यों में पुलिसिंग, जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रियाओं को नए कानूनी प्रावधानों के अनुरूप बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।