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तेलंगाना मुक्ति दिवस रैली पर रोक, भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया

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हैदराबाद, 6 सितंबर (आईएएनएस)। हैदराबाद पुलिस ने तेलंगाना मुक्ति दिवस से पहले रविवार को बालापुर से चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर तक रैली निकालने की भाजपा की कोशिश को नाकाम कर दिया, जिससे पार्टी ने नाराजगी जताई और विरोध किया।

महेश्वरम निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा प्रभारी, अंडेला श्रीरामुलु यादव और पार्टी के अन्य नेताओं को ‘विमोचन जैत्रयात्रा’ निकालने की कोशिश की करने पर हिरासत में ले लिया गया। भाजपा ने रैली की अनुमति न मिलने की निंदा की।

पार्टी की तेलंगाना इकाई के एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है, “यह बात कि कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना मुक्ति दिवस के मौके पर बालापुर से चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर तक रैली की अनुमति नहीं दी, साफ तौर पर दिखाती है कि वह लोकतंत्र और देशभक्ति की भावना से कितना डरती है। ‘वंदे मातरम’ पर रोक लगाने के बाद कांग्रेस पार्टी अब आजादी की भावना का सम्मान करने वाले समारोहों में भी बाधा डाल रही है।”

इस बीच, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस-शासित तेलंगाना में तेलंगाना मुक्ति दिवस मनाना कोई अपराध है। उन्होंने कहा, “तुष्टीकरण की गहरी खाई में गिर चुकी कांग्रेस पार्टी ने बालापुर से चारमीनार तक ‘विमोचन जैत्रयात्रा’ को रोककर और महेश्वरम भाजपा प्रभारी को गिरफ्तार करके एक बार फिर लोकतंत्र को कुचल दिया है।”

रामचंद्र राव ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट में लिखा, “शर्म की बात है। कांग्रेस तेलंगाना मुक्ति दिवस मनाने से इतना क्यों डरती है? हम भले ही 1948 से बहुत आगे निकल आए हों, लेकिन कांग्रेस की सोच अभी भी रजाकार और निजाम डीएनए वाली है। अपनी अंधाधुंध वोट-बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण में, कांग्रेस यह भूल गई है कि भारत एक लोकतंत्र है। भाजपा नेताओं को हर चीज के लिए रोका, हिरासत में लिया और गिरफ्तार किया जाता है-चाहे वह धरना और विरोध-प्रदर्शन हो या फिर तेलंगाना मुक्ति दिवस मनाना।”

भाजपा 17 सितंबर को ‘तेलंगाना मुक्ति दिवस’ मनाने की तैयारी कर रही है। 1948 में इसी दिन तत्कालीन हैदराबाद राज्य का भारतीय संघ में विलय हुआ था। केंद्र सरकार लगातार पांचवें साल सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह आयोजित कर रही है।

इस साल के कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि होंगे। वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की परेड का निरीक्षण करेंगे। इस कार्यक्रम में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और अन्य लोग शामिल होंगे।

केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग थीम के साथ यह दिन मनाएंगी।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी हैदराबाद के पब्लिक गार्डन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य सरकार लगातार तीसरे साल इसे ‘तेलंगाना प्रजा पालना दिनोत्सवम’ (जनता के शासन का दिन) के रूप में मना रही है।

सभी 32 जिला मुख्यालयों में आधिकारिक समारोहों के दौरान राज्य के मंत्री, सरकारी सलाहकार और प्रमुख प्रतिनिधि राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और सलामी लेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों, शहरी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।

जहां पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने 2022 और 2023 में 17 सितंबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया था, वहीं दिसंबर 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस ने इस अवसर को ‘प्रजा पालना दिनोत्सवम’ के रूप में मनाने का फैसला किया।