पटना, 7 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुंगेर जिले की एक अदालत ने सोमवार को होली के दौरान गांव में हुए विवाद को शांत कराने पहुंचे सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) कुमारी मनीषा की अदालत ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर प्रत्येक दोषी को अतिरिक्त छह महीने की सजा काटनी होगी। सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 117(2) और 118(2) सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
यह घटना मार्च 2025 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में हुई थी। होली के दिन गांव में स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार से जुड़ा एक विवाद सामने आया था।
सूचना मिलने पर एएसआई संतोष कुमार सिंह डायल-112 पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। उसी दिन शाम करीब 7:30 बजे गश्त के दौरान वह फिर गांव पहुंचे, जहां एक और विवाद की जानकारी मिलने पर उन्होंने हस्तक्षेप किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जब एएसआई संतोष कुमार सिंह विवाद सुलझाने के लिए रणवीर नामक व्यक्ति के घर पहुंचे, तब आरोपियों ने उन पर लाठी, लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल एएसआई को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें पटना के पारस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर मौजूद कांस्टेबल दीपक कुमार के बयान के आधार पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले की सुनवाई त्वरित प्रक्रिया के तहत की गई। करीब डेढ़ वर्ष तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों को अदालत में पेश किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने सभी आठ आरोपियों को दोषी करार दिया।
जिन दोषियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, उनमें रणवीर कुमार, रंजीत कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी शामिल हैं।
लोक अभियोजक ने कहा कि सजा पर सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आठ दोषियों को कठोर आजीवन कारावास और निर्धारित जुर्माने की सजा सुनाई।
