नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब में एक बुजुर्ग व्यापारी द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि बुजुर्ग ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के सामने सार्वजनिक कार्यक्रम में ड्रग्स पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि उसने आत्महत्या कर ली। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान ले लिया है।
एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “पंजाब के एससी कमीशन के पूर्व अध्यक्ष राजेश बागा से शिकायत प्राप्त हुई है कि संगरूर जिले में वित्त मंत्री हरपाल चीमा के सामने सार्वजनिक कार्यक्रम में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने ड्रग्स पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया था जिससे मंत्री नाराज हो गए और पुलिस ने बुजुर्ग व्यापारी को इतना प्रताड़ित किया कि उसने जहर खा कर आत्महत्या कर ली। हमने संज्ञान ले लिया है, कार्रवाई कर रहे हैं।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के संगरूर जिले में रहने वाले 50 वर्षीय गुलजार सिंह ने जहर खा लिया। बताया जा रहा है कि वह सरकार द्वारा ड्रग्स की समस्या को रोकने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने से परेशान थे। जहर खाने के बाद उन्हें काफी दर्द हुआ लेकिन मरने से पहले उन्होंने लोगों से बात की।
मरने से पहले गुलजार सिंह ने कहा था, “चीमा भी मेरी मौत के लिए जिम्मेदार है।” वह पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर इशारा कर रहे थे, जिनसे उन्होंने गांव के दौरे के दौरान राज्य की ड्रग्स समस्या को लेकर सवाल किया था।
गुलजार सिंह ने आरोप लगाया था कि ‘आप’ सरकार के मंत्री से सवाल करने के बाद पुलिस उन्हें अलग ले गई और माफी मांगने के लिए काफी दबाव डाला।
अपने आखिरी बयान में उन्होंने कहा था, “सरपंच भी मेरी मौत के लिए जिम्मेदार है। मैंने चीमा से ड्रग्स के बारे में सवाल किया था। मेरा बेटा ड्रग्स लेता है। मेरा घर बिक गया। मेरे पास कुछ नहीं है और आखिरकार अब मैंने जहर खा लिया है। पंजाब में कहीं भी ड्रग्स की समस्या हल नहीं हुई है।”
