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बिहार: अंतरजिला डकैत गिरोह का पर्दाफाश, 15.50 लाख रुपये, हथियार के साथ चार गिरफ्तार

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मोतिहारी, 10 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने अंतरजिला डकैत गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से करीब 15.50 लाख रुपये नकद, पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, 2.107 किलोग्राम चरस जैसा मादक पदार्थ, चांदी के जेवरात, मोबाइल फोन और डकैती के पैसे से खरीदी गई मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के तार सीतामढ़ी और नेपाल से जुड़े हैं और इसके सदस्य पिछले चार-पांच महीनों में सिकरहना अनुमंडल क्षेत्र में पांच डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त की रात ढाका थाना क्षेत्र के मठिया मोहन गांव निवासी मनोज कुमार शर्मा के घर में पांच-छह अज्ञात अपराधियों ने डकैती की थी। इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।

अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात में शामिल अपराधी सीतामढ़ी के बेला, परिहार, बथनाहा और मेहसौल थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं और कुछ के नेपाल से भी संपर्क हैं। मामले के उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बथनाहा थाना क्षेत्र के भलही गांव निवासी मोहम्मद सफीक मंसूरी उर्फ बंठा हाल ही में जेल से रिहा हुआ है और डकैती की घटनाओं में उसकी भूमिका है।

हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने सिकरहना अनुमंडल में हुई पांच डकैतियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी दी।

एसडीपीओ सिकरहना अभिषेक कुमार के अनुसार, गिरोह ने चिरैया थाना क्षेत्र के दीपही और प्रतापपुर, कुंडवा चैनपुर के गोरगावां और बसंतपुर तथा ढाका के मठिया मोहन में डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए रुपये और जेवरात के अलावा वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और दरवाजा तोड़ने वाला लोहे का रॉड बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद सफीक मंसूरी उर्फ बंठा, मोहम्मद तनवीर शेख, शंभु पासवान उर्फ मोगल और अमरनाथ ठाकुर के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, सफीक इस गिरोह का सरगना है और उसके खिलाफ डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 10 मामले दर्ज हैं। तनवीर के खिलाफ सीतामढ़ी और दरभंगा में 11 मामले, जबकि शंभु के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। अमरनाथ पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लूटे गए जेवरात की खरीद-बिक्री करता था।

पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि गिरोह के सदस्य डकैती से मिले पैसों का इस्तेमाल जमीन के कारोबार के साथ-साथ हथियार और मादक पदार्थों के कारोबार में करते थे।

पुलिस ने डकैती की रकम से खरीदी गई एक आर-15 मोटरसाइकिल भी बरामद की है। एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। अपराधी शाम करीब छह-सात बजे सीतामढ़ी से ट्रेन पकड़कर मोतिहारी की ओर आते थे।

पहले से चिन्हित घर या लाइनर द्वारा बताए गए स्थान के पास रात करीब नौ बजे पहुंचकर खेतों में छिप जाते थे। आधी रात 12 से एक बजे के बीच घर में घुसकर डकैती करते और फिर सुबह होने तक खेतों में छिपे रहते थे। इसके बाद ट्रेन से वापस सीतामढ़ी लौट जाते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह में करीब 10 अपराधी शामिल हैं। इनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।