मुंबई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने उन खबरों को पूरी तरह फर्जी और गलत बताया है, जिसमें उन्हें पार्टी से निकाले जाने की बात कही गई थी। इसके साथ ही साजिश के तहत पार्टी को बदनाम करने का आरोप लगाया है।
आनंद दुबे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “जिस पार्टी का मैं प्रवक्ता हूं, उसे यह भी नहीं पता कि मुझे कौन निकाल रहा है। जिस व्यक्ति, यानी आनंद दुबे को निकाला जा रहा है, उसे खुद नहीं पता कि उसे निकाला जा रहा है। फिर भी कुछ लोग ऐसी खबरें चला रहे हैं कि आनंद दुबे को पार्टी से हटा दिया गया है, निकाल दिया गया है, बर्खास्त कर दिया गया है या उनके पद से मुक्त कर दिया गया है।”
आनंद दुबे ने आगे कहा, “पार्टी कह रही है कि हमने नहीं निकाला। मुझे पार्टी से निकालने की कोई जानकारी नहीं है। मुझे पार्टी से निष्कासित किए जाने की खबर बेबुनियाद है। मुझे और मेरी पार्टी को बदनाम करने के लिए ऐसी साजिश रची जा रही है। वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्टी से निकाले जाने की खबरों को अफवाह बताया है।”
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता ने कहा, “कोई भी एसआईआर का विरोध नहीं कर रहा है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) जरूरी है। इसे समय-समय पर किया जाना चाहिए। लेकिन एसआईआर का इस्तेमाल राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने, कमजोर करने या कमजोर दिखाने, भ्रष्टाचार करने, उनके नाम हटाने और अपने नाम जोड़ने के बहाने के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी यही हो रहा है।”
बता दें कि मंगलवार की सुबह शिवसेना यूबीटी के लेटर हेड पर बयान जारी किया गया था। जिसमें कहा गया, “मीडिया के सभी प्रतिनिधियों को सूचित किया जाता है कि पंडित अवधेश शुक्ला द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी एवं प्रस्तुत किए गए तथ्यों के आधार पर अनिल देसाई ने आनंद दुबे को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय की सूचना संबंधित संगठनात्मक पदाधिकारियों को दे दी गई है।”
