बेंगलुरु, 22 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने मंगलवार को राज्य सरकार की आलोचना की। यह आलोचना ‘108 आरोग्य कवच’ मुफ्त एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों से जुड़े संभावित संकट को लेकर की गई।
इन कर्मचारियों ने वेतन में संशोधन और अपनी रोजाना की ड्यूटी के समय में बदलाव की मांग करते हुए सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर की भी आलोचना की क्योंकि एम्बुलेंस सेवा कर्मचारियों के साथ बार-बार बैठकें होने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
कर्नाटक 108 आरोग्य कवच एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने 22 सितंबर को 15 दिन की समय-सीमा तय की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी रुकी हुई सैलरी में बदलाव और सेवा से जुड़ी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो मंगलवार रात से ही सेवा अनिश्चित काल के लिए बंद हो जाएगी और बड़े पैमाने पर इस्तीफे दिए जाएंगे।
अशोक ने कहा कि इस स्थिति ने पूरे राज्य में 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा के पूरी तरह ठप होने की आशंका पैदा कर दी है और सवाल उठाया कि क्या सरकार के लिए लोगों के जीवन का कोई मोल नहीं नहीं है।
अशोक ने सरकार पर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए पूछा, “क्या लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है?”
उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से उन एम्बुलेंस कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान न करने पर सवाल उठाया जो इमरजेंसी सेवा देने के लिए चौबीसों घंटे काम करते हैं।
अशोक ने पूछा, “मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, क्या आपको उन एम्बुलेंस कर्मचारियों की मुश्किलें नहीं दिखतीं जो दिन-रात, बारिश या तूफान की परवाह किए बिना इमरजेंसी के समय लोगों की सेवा के लिए दौड़ते हैं जबकि आप जनसेवा के बारे में खोखले भाषण देते हैं।”
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कर्मचारियों की चिंताओं को हल किए बिना समाधान खोजने के नाम पर बार-बार बैठकें की जा रही हैं।
अशोक ने पूछा, “स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर, समस्या को हल करने के नाम पर एक के बाद एक बैठकें करने और बहाने बनाने के बजाय, कर्मचारियों को न्याय कब मिलेगा?”
उन्होंने आरोप लगाया कि जीवीके के साथ सरकार का कॉन्ट्रैक्ट विवाद जनता द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक जरूरी इमरजेंसी सेवा को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह जिसे ‘गरीब लोगों की जान से खिलवाड़’ बताते हैं, उसे बंद करे और जल्द से जल्द इस मुद्दे को हल करे।
उन्होंने कहा कि स्थिति को ऐसे मोड़ पर लाना, जहां इमरजेंसी के दौरान गरीब लोगों के लिए जीवन बचाने वाली बुनियादी सेवा बाधित हो सकती है, कांग्रेस सरकार की कथित अक्षमता का सबूत है।
अशोक ने मांग की कि सरकार तुरंत 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की ‘उचित मांगों’ को पूरा करे और यह सुनिश्चित करे कि इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा बिना किसी रुकावट के जारी रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न होने पर सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी बढ़ेगी।
अशोक ने कहा, “सरकार को तुरंत 108 कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एम्बुलेंस सेवा बिना किसी रुकावट के जारी रहे। नहीं तो, कर्नाटक की जनता इस असंवेदनशील सरकार को माकूल सबक सिखाएगी।”
