मुंबई, 27 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने चुनाव आयोग, एसआईआर और राम मंदिर समेत कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए आनंद दुबे ने कहा, “हम राजनीतिक दल हैं। हम राजनीतिक दलों के बारे में बात कर सकते हैं। यह कोई तिलचट्टा-मिलचट्टा, छिपकली, यह कोई एनजीओ जैसा नहीं है। 10 लोग आपस में मिलकर कोई टीम बना दें, तो यह कोई बात करने लायक नहीं हैं और हमें इन पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। आंदोलन करना सभी का अधिकार है, आप करिए।”
आनंद दुबे ने कहा, “चुनाव आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है। हमारी मांग है कि जो कुछ भी हो, पारदर्शी ढंग से हो। कोई लुका-छिपी और धांधली न की जाए। मेरा मानना है कि विपक्ष के इतने दबाव के बाद ही सही चुनाव आयोग बैकफुट पर है। चुनाव आयोग की ओर से समय सीमा बढ़ा दी गई है। मेरा मानना है कि यह जनता की बहुत बड़ी जीत है। सरकार और चुनाव आयोग की किरकिरी जैसा है, क्योंकि उनकी चोरी पकड़ी गई है।”
उन्होंने कहा, “एसआईआर की प्रक्रिया सबसे पहले बिहार से शुरू हुई थी। बिहार से होते हुए महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल समेत हर जगह गई। हमारी ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि इस प्रक्रिया में कोई नाम छूट न जाए और गलत ढंग से कोई नाम दर्ज न हो जाए। हमारी इतनी छोटी से लड़ाई है।”
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय, अनिल मिश्र, गोपाल राव को सरकारी गवाह बनाए जाने पर आनंद दुबे ने कहा, “अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्र में चोरी का मामला जब सामने आया, तभी से सकल हिंदू समाज में गुस्सा और दुख है। क्योंकि इतने वर्षों की तपस्या के बाद हमें मंदिर मिला और मंदिर के दान पात्र में ही चोरी हो गई। यह बहुत ही कलंकित काम किया गया था। और इसमें बहुत सारे आरोप लगे थे। एसआईटी की रिपोर्ट आ गई है, आने वाली है, उस पर चर्चा हो रही है। बहुत सारे लोग, जिन पर आरोप लगे थे, वही गवाह भी बन रहे हैं। यह बहुत ही उलझा हुआ मामला है। इस पर जब तक सीबीआई जांच नहीं होगी, कैसे पता चलेगा कौन क्या है और सच क्या है?”
एसआईआर को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर आनंद दुबे ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी स्वयं भारतीय जनता पार्टी की ‘बी’ टीम हैं। भाजपा और एआईएमआईएम आपस में नूरा-कुश्ती करते हैं। भाजपा ही स्क्रिप्ट देती है, कहानी देती है, योजना देती है कि ‘ओवैसी, तुम आज इस विषय पर बात करोगे और फिर उसका हम खंडन करेंगे।”
